एमिटी में ‘बीमा उद्योग में आशा एंव कोविड 19 का प्रभाव पर वेबिनार

0
27

नोएडा। छात्रों को बीमा उद्योग में हो रहे विकास एंव उस पर कोविड 19 के प्रभाव की जानकारी प्रदान करने के लिए एमिटी विश्वविद्यालय द्वारा वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार में बजाज अलियांज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के रिजनल ट्रेनिंग मैनेजर विश्वजीत सिंह ने ‘बीमा उद्योग में आशा एंव कोविड 19 का प्रभावÓ पर व्याख्यान प्रदान किया।
बजाज अलियांज लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के रिजनल ट्रेनिंग मैनेजर विश्वजीत सिंह ने ‘बीमा उद्योग में आशा एंव कोविड 19 का प्रभावÓ पर जानकारी देते हुए कहा कि बीमा एक अनुबंध है जो बीमा लेने वाले व्यक्ति एंव बीमा प्रदान करने वाले के मध्य होता है जिसमें बीमा लेने वाला व्यक्ति बीमा के नियमों के तहत प्रिमियम भरता है और बदले में बीमा प्रदान करने वाले उसे संपत्ती के नुकसान से हुए वित्तीय घाटे का मुआवजा प्रदान करते है। श्री सिंह ने कहा कि बीमा में दो मुख्य प्रकार है प्रथम जीवन बीमा जो व्यक्तियों के लिए होता है द्वितीय साधारण बीमा जिसमें मैरिन इंश्योरेंस, आग इंश्योरेंस एंव विविध बीमा होते है। अब तो इसमें वाहन बीमा, स्वास्थय बीमा, पर्यटन बीमा, संपत्ती बीमा आदि शामिल हो गये है। उन्होनें कहा कि बीमा के दौरान दिये गये प्रिमियम के तीन मुख्य अवयव है प्रथम व्यय जिसमें कंपनी के खर्चा, द्वितीय जोखिम प्रिमियम और तृतीय ब्याज लाभ अवयव है।
श्री सिंह ने कहा कि व्यक्ति अपनी दो प्रकार की आवश्यकताओं के लिए बीमा लेता है प्रथम योजनाबद्ध आवश्यकतायें जिसमें शिक्षा, विवाह, सेवानिवृत्ती और संपदा होती है द्वितीय अयोजनाबद्ध आवश्यकतायें जिसमें मृत्यु, बीमारी और दिव्यंागता शामिल है। उन्होनें कहा कि शीघ्र मृत्यु को प्राप्त हो जाने वाले और लंबी आयु जीने वाले दोनो व्यक्तियों के लिए बीमा अत्यंत आवश्यक है। श्री सिंह ने बीमा उद्योग की क्षमता को बताते हुए कहा कि देश की कुल आबादी में मात्र एक चैथाई ही लोगों ने बीमा ले रखा है लगभग 98 करोड़ से अधिक लोगों ने अभी तक बीमा नही कराया है। मात्र 44 प्रतिशत भारतीयों के पास स्वास्थय बीमा है। भारतीय बीमा उद्योग में 24 जीवन बीमा कंपनियां और 33 साधारण बीमा कंपनिया कार्य कर रही है। एसोचेम की रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक बीमा उद्योग में 30 लाख नये रोजगार के अवसर उपलब्ध होगें इसलिए छात्रों के सामने इस क्षेत्र में अवसरों की भरमार है।
श्री सिंह ने बीमा उद्योग पर कोविड 19 के प्रभाव को बताते हुए कहा कि वार्षिक विकास के कारण बीमा उद्योग के प्रथम तिमाही में 12 प्रतिशत विकास दर्ज किया गया। कोविड 19 के कारण स्वास्थय एंव जीवन बीमा की मांग बढ़ी है। कोविड 19 ने बीमा क्षेत्र में डिजिटलाइजेंशन एंव जीवन बीमा के प्रचार को बढ़ावा दिया है। लोग इंटरनेट एंव ऑनलाइन पोर्टल पर बीमा के बारे में जानकारी तलाश कर रहे है। घर से कार्य करने की संस्कृती ने व्यय को कम किया है। ऑनलाइन बीमा सलाह ने धन एंव समय की बचत की है और गांरटीड प्लान की मांग बढ़ी है। उन्होनें छात्रो ंसे कहा कि बीमा उद्योग केवल पॉलिसी बेचने तक सीमीत नही है बल्कि इसमें आप डायरेक्ट सेल्स, एजेंसी सेल्स, माइक्रो इंश्योरेंस, एक्चुरी, उत्पाद विकास, वित्त, विधी, ग्राहक सेवा, मानव संसाधन, सूचना प्रौद्योगिकी, संचालन एंव प्रशिक्षण आदि किसी भी क्षेत्र में कार्य कर सकते है। उन्होनें बीमा उद्योग के प्रशिक्षण क्षेत्र में कैरियर बनाने की जानकारी प्रदान की।