चीनी एप बैन की हुई सर्वत्र सराहना

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चीनी एप बैन की हुई सर्वत्र सराहना
चीनी एप बैन की हुई सर्वत्र सराहना

फैसले को बताया सराहनीय कदम

नई दिल्ली (एजेंसी)। केन्द्र सरकार द्वारा चीनी कंपनियों के ऐप पर लगायी गई रोक की सर्वत्र सराहना की जा रही है। देश के हर कोने से एक ही आवाज़ आ रही है कि केंद्र सरकार का यह फ़ैसला पूरी तरह से उचित और राष्ट्रहित में है ।
केंद्र सरकार ने सुरक्षा और निजता का हवाला देते हुए लोकप्रिय चीनी ऐप टिकटॉक, शेयरइट और वीचैट समेत कुल 59 चीनी ऐप्स पर पाबंदी लगा दी है। चीन के साथ तनाव के बीच इन ऐप पर रोक लगाने की मांग की जाने लगी थी। इन ऐप्स का भारत में अरबों का कारोबार है और इनके डाउनलोड का बड़ा हिस्सा भारत में ही होता है।
बैन का सामना करने वाले अन्य लोकप्रिय चीनी ऐप्स में यूसी ब्राउजर, यूसी न्यूज और एमआई कम्युनिटी जैसे चर्चित ऐप भी शामिल हैं। सरकार ने ऐसे चीनी ऐप पर रोक लगाया है जो मुख्यत: गैर फाइनेंशियल नेचर के हैं। चीन की दिग्गज कंपनियों अलीबाबा, बाइटडांस, बाइडू, टैन्सेंट आदि ने इन ऐप में भारी निवेश किया है। भारत में इनकी डाउनलोडिंग का बड़ा हिस्सा है। इसलिए इन कंपनियों को आर्थिक रूप से भारी नुकसान हो सकता है। इनके वैल्यूएशन पर भी असर पड़ सकता है। भारत के कुल ऐप डाउनलोड का करीब 50 फीसदी हिस्सा चीनी ऐप का ही होता है।
बैन होने वाले ऐप में भारत में सबसे लोकप्रिय टिकटॉक के 30 फीसदी यूजर भारतीय हैं और इसकी करीब 10 फीसदी कमाई भारत से होती है। इस ऐप का संचालन चीनी कंपनी बाइटडांस द्वारा किया जाता है। टिकटॉक के लिए भारत सबसे बड़ा बाजार है। टिकटॉक के वैसे 20 करोड़ सब्सक्राइबर हैं। पिछले साल भारत में इसके 8.1 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर थे जिन्होंने इस पर 5.5 अरब घंटे खर्च किए।
गौरतलब है कि चीनी कंपनी बाइटडांस का मार्केट कैप करीब 110 अरब डॉलर (करीब 8,30,547 करोड़ रुपये) का है। बाइटडांस सिर्फ टिकटॉक ही नहीं बल्कि दूसरे बैन हुए लोकप्रिय ऐप हेलो की भी मालिक है। भारत में इसका संचालन बाइटडांस इंडिया सर्विसेज लिमिटेड के नाम से होता है। यही नहीं, वीगो वीडियो ऐप की मालिक भी बाइटडांस ही है।
देश के हर कोने से केन्द्र सरकार के इस फ़ैसले के समर्थन में आवाज़ आ रही है। हर कोई यही कह रहा है कि यह फ़ैसला सराहनीय है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि यह फ़ैसला बहुत पहले हो जाना चाहिए था । देर आयद दुरुस्त आयद।