चीनी सेना के टेंट में आग लगने पर हुआ था टकराव: सिंह

0
29

पूर्व सेना प्रमुख ने किया खुलासा

नई दिल्ली (एजेंसी)। केन्द्रीय मंत्री एवं पूर्व सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह ने गलवान घाटी में चीन की सेना के साथ टकराव का पूरा सच उजागर किया है। उन्होंने बताया कि चीन की सेना के टेंट में आग लगने के बाद यह टकराव हुआ था। इस टकराव में चीन के कम से कम 40 सैनिक मारे गए।
श्री सिंह ने एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में यह खुलासा किया है। पूर्व सेनाध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने कहा कि 15 जून की शाम को हमारे कमांडिंग अफसर गलवान वैली में देखने गए थे कि चीन के लोग वापस गए या नहीं। कमांडिंग अफसर ने देखा कि चीन के लोग वापस नहीं गए हैं। वो पेट्रोलिंग प्वाइंट-14 के नजदीक ही दिखाई दे रहे हैं। हमसे इजाजत लेकर चीनी सेना ने वहां तंबू लगया था।
केंद्रीय मंत्री वीके सिंह के मुताबिक, चीनी सेना ने तंबू भारतीय सेना से इजाजत लेकर लगाया था, ताकि वो देख सके कि हम पीछे गए या नहीं। 15 जून की शाम को चीनी सेना ने यह तंबू नहीं हटाया था। इस दौरान दोनों सेनाओं के बीच कहासुनी हुई। हमारे कमांडिंग अफसर ने तंबू हटाने का आदेश दिया। चीनी सैनिक जब तंबू हटा रहे थे, तभी आग लग गई।
केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने कहा कि चीनी सेना के तंबू में आग लगने के कारण झड़प हो गई। इस झड़प के दौरान हमारे लोग चीनी सेना के उपर हावी हो गए। चीन ने अपने और लोग बुलाए और हमारे लोगों ने भी अपने और लोग बुलाए। चीन के लोग जल्दी आ गए, फिर हमारे लोग आए। अंधेरे में 500 से 600 लोगों के बीच झड़प हुई।
पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह ने कहा कि चीन के लोग सोचकर आए थे कि भारतीय सेना पर हावी हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पहले हमारे तीन लोग हताहत हुए थे। फिर हमारे और चीनी सैनिक नदी में गिर गए थे। चोट और नदी में गिर जाने के कारण हमारे और 17 जवान शहीद हो गए। 70 के करीब घायल हो गए थे।
चीन पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने कहा कि चीन कभी नहीं बताएगा कि कितने लोग हताहत हुए। कितने लोग मरे या नहीं मरे। जिस तरीके से हमारे लोगों ने चीनी सैनिकों को जवाब दिया था, उससे लगता है कि शुरू में 40 से अधिक चीनी सैनिकों के हताहत की जो संख्या आई थी, वह संख्या सही थी। उससे ज्यादा हो सकते हैं।