साक्ष्यों के अभाव में दहेज हत्या के अभियुक्त बरी

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वरिष्ठï अधिवक्ता रामशरण नागर ने की थी बचाव पक्ष की पैरवी

विशेष संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। जनपद गौतम बुध नगर की जिला अदालत के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनीत चौधरी ने दहेज हत्या के मामले में साक्ष्यों के अभाव के चलते अभियुक्त प्रदीप मिश्रा व श्रीमती कमलेश मिश्रा आदि को दोषमुक्त करार दिया। अभियुक्तों की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता रामशरण नागर ने की थी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 24 अप्रैल 2013 को वादी अनिल शर्मा निवासी चंदौसी जिला संभल ने थाना बीटा-2 (कासना) में एफआईआर दर्ज कराई थी कि दहेज को लेकर उसकी बहन निधि शर्मा की उसके ससुरालियों ने हत्या कर दी। जिसमें ससुर महानंदन मिश्रा, सास कमलेश मिश्रा, पति प्रदीप मिश्रा, देवर डब्बू, देवरानी रागनी, देवर नीरज, देवरानी रश्मि, आदि के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। मृतक निधि शर्मा के भाई अनिल शर्मा ने आरोप लगाया कि साक्ष्यों के अभाव…..
उसकी बेटी की शादी 19 मई 2009 को प्रदीप मिश्रा पुत्र महा नंदन मिश्रा के साथ सेक्टर बीटा-2 ग्रेटर नोएडा में हुई थी। ससुराल पक्ष के लोग दहेज के 5 लाख रूपए की मांग कर रहे थे तथा आय दिन निधि के साथ मारपीट करते थे। इसी के चलते ससुरालि यों ने उसकी बेटी की हत्या कर दी।
यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश विनीत चौधरी की अदालत में चल रहा था। जिसमें अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक डीएन भाटी पैरवी कर रहे थे तथा बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामशरण नागर पैरवी कर रहे थे।
अदालत ने सभी दस्तावेजों तथा साक्ष्य का अवलोकन करने के बाद यह पाया कि अभियोजन पक्ष अपना अभियोग सिद्ध करने में असफल रहा। अदालत ने इस मामले में अभियुक्त गण प्रदीप मिश्रा, उसकी मां कमलेश मिश्रा आदि को लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया।