मशहूर अभिनेता शम्मी कपूर की शादी से जुड़ी एक खास बात

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शादी सात जन्मों का बंधन होता है. शादी की नींव विश्वास पर टिकी होती है. शादी करने के लिए किसी भी प्रकार की कोई शर्त नहीं होती. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे अभिनेता के बारे में बताने जा रही हैं जिसने अपना पहला प्यार अधूरा रहने के बाद दूसरी शादी करने के लिए पत्नी के सामने बड़ी शर्त रख दी थी.

हम जिस अभिनेता की बात कर रहे हैं वो कोई और नहीं बल्कि अपने समय के जाने-माने अभिनेता शम्मी कपूर है. शम्मी कपूर ने तीन दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री पर राज किया. आज भी बॉलीवुड को शम्मी कपूर पर नाज है. शम्मी कपूर की पर्सनल लाइफ के बारे में बहुत कम लोगों को पता है. शम्मी कपूर अभिनेत्री नूतन के प्यार में बचपन से ही पागल थे.

नूतन भी शम्मी कपूर को काफी पसंद करती थी. किशोरावस्था में दोनों ने शादी करने का फैसला लिया. यही दोनों के रिश्ते की बात बिगड़ गई.

उस समय नूतन की मां अपने पति से अलग हो चुकी थी. नूतन की मां ने अपनी बेटी की भावनाओं को दरकिनार रखते हुए उन्हें पढ़ाई के लिए स्विट्जरलैंड भेज दिया और शम्मी कपूर का पहला प्यार अधूरा रह गया .नूतन से ब्रेकअप के बाद शम्मी कपूर का कई अभिनेत्रियों के साथ अफेयर रहा. लेकिन शम्मी कपूर का दिल 50 के दशक की टॉप अभिनेत्रियों में शुमार गीता बाली पर आया. 1955 में फिल्म रंगीन रातें के सेट पर दोनों की पहली मुलाकात हुई. यहीं से दोनों के प्यार की भी शुरुआत हुई.

लेकिन दोनों के घर वाले इनी शादी के लिए राजी नहीं थे. शम्मी कपूर ने घरवालों की इच्छा के खिलाफ जाकर मंदिर में शादी की. दोनों के परिवार वाले कुछ समय तक इनकी शादी से नाराज रहें. लेकिन बाद में वो मान गए. शादी के बाद गीता बाली ने 2 बच्चों को जन्म दिया. 1965 में 35 वर्ष की उम्र में चेचक के कारण गीता बाली की मृत्यु हो गई.

गीता बाली की मृत्यु के 4 साल बाद शम्मी कपूर ने नीला देवी से शादी की.लेकिन शम्मी कपूर ने नीला देवी से शादी करने से पहले एक उनके सामने एक शर्त रखी. शम्मी कपूर ने कहा कि वो शादी के बाद कभी मां नहीं बनेंगी और गीता के बच्चों को अपने बच्चे समझकर ही उनका पालन-पोषण करेंगी. शम्मी कपूर की इस बात पर नीला देवी राजी हो गए और ताउम्र उनके बच्चों की मां बन कर रही. उन्होंने गीता बाली के बच्चों को अपने बच्चों की तरह प्यार दिया.