‘चेतना मंच’ के संपादक प्रतिष्ठित पत्रकार रामपाल रघुवंशी हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों से सक्रिय श्री रघुवंशी का जन्म 26 जुलाई 1967 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के एक गांव गढ़ी नौआबाद में साधारण किसान परिवार में हुआ। गांव में आरंभिक शिक्षा के बाद आगे की पढ़ाई के लिए वह डीएवी कॉलेज, मुजफ्फरनगर में दाखिल हुए। पिता सोहनबीर सिंह चाहते थे कि बेटा सरकारी नौकरी में जाए लेकिन रामपाल का मन तो कविताएं लिखने, नाटकों और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में भाग लेने में ज्यादा लगता था। वह किसान नेता चौधरी चरण सिंह के ‘सादा जीवन, उच्च विचार’ से अति प्रभावित थे। इसी के चलते छात्र राजनीति में दिलचस्पी लेने लगे। इस दरम्यान वह पत्रकारिता के निकट संपर्क में आए। उन्होंने महसूस किया कि पत्रकारिता के जरिए वह समाज और देश की बेहतर सेवा कर सकेंगे और अंततोगत्वा उन्होंने सामाजिक मुददों को लेकर संघर्ष और लोगों को न्याय दिलाने के लिए पत्रकारिता पेशे को अपना लिया। दैनिक सम्राट, दैनिक देहात, दैनिक विश्वमानव, अमर उजाला, दैनिक हिन्ट सरीखे अखबारों के संवाददाता, उपसंपादक, समाचार संपादक, संपादक का दायित्व निर्वहन किया। इन अखबारों में काम करते-करते उन्हें समझ आया कि निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता की राह में सबसे बड़ा रोड़ा मालिकान के आर्थिक हित हैं। इस दबाव से पार पाए बिना निष्ठा से सच्ची पत्रकारिता नहीं की जा सकती। यही सोच अपना अखबार शुरू करने का कारण बनी।

21 दिसंबर 1998 को सपना साकार हुआ और ‘चेतना मंच’ की शुरूआत हुई। तत्कालीन केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डा0 मुरली मनोहर जोशी ने अखबार के प्रथम संस्करण का लोकार्पण किया। तमाम उद्यमी, व्यवसायी, राजनीतिक नेता, अधिकारी, प्रतिष्ठित नागरिक, पत्रकार साक्षी रहे। इस मौके पर संपादक श्री रघुवंशी ने कहा कि जब लाखों पाठक गर्व से बोलेंगे-हां चेतना मंच हमारा अपना अखबार है, उस दिन हमारी टीम का सपना सही मायने में पूरा होगा। मार्के की बात यह है कि सामान्य पत्रकारों की टीम इस अखबार को 18 वर्षों से न केवल सफलता पूर्वक चला रही है, बल्कि इसकी सामग्री, स्तर, साज-सज्जा और समाचारों की विश्वसनीयता में लगातार सुधार कर रही है। इसी का परिणाम है आज चेतना मंच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक वितरित और पढ़ा जाने वाला समाचार पत्र बन गया है। श्री रघुवंशी इसका श्रेय चेतना मंच की टीम के साथ बजरंगबली के आशीर्वाद को देते हैं। उन्होंने स्पष्ट कर रखा है कि टीम के निष्ठावान सदस्य ही भविष्य में अखबार के खुलने वाले संस्करणों के स्वामी और नियंता होंगे। लक्ष्य चेतना मंच को पश्चिमी भारत का प्रमुख हिन्दी दैनिक बनाना है और इसे हम टीम के परिश्रम और समर्पण भावना से हासिल करके रहेंगे।