
GST टैक्स को लेकर राज्य सरकारें और केंद्र सरकार बेहद ही गंभीर नजर आ रही है। अब वित्त वर्ष समाप्ति की ओर है तो जीएसटी विभाग द्वारा बकायादारों से वसूली अभियान भी तेज कर दिया गया है। समय से जीएसटी का टैक्स अदा न करने वाले कारोबारियों को लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं। लेकिन यहां पर विभाग की बड़ी खामियां भी सामने आ रही है। विभाग उन लोगों को भी नोटिस भेज रहा है, जो न तो कारोबार करते हैं और न ही उन लोगों का जीएसटी विभाग से कोई लेना देना है।
राजस्थान के जैसलमेर में वाणिज्य कर विभाग ने एक बेरोजगार को ही जीएसटी रिकवरी का नोटिस भेज दिया है। विभाग ने एक बेरोजगार युवक को 1.40 करोड़ रुपए GST बकाया का नोटिस भेजा है। नोटिस मिलते ही परिवार सकते में आ गया है। रिदवा गांव निवासी नरपतराम मेघवाल सूरतगढ़ में रहकर शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहा है। उसे गत 29 दिसंबर को आयुक्तालय दिल्ली उत्तर से जीएसटी का नोटिस प्राप्त हुआ। जिसमें 1 करोड़ 39 लाख 79 हजार 407 रुपए का जीएसटी बकाया होने की बात कही थी और 9 जनवरी को दिल्ली भी बुलाया गया है।
नरपतराम के नाम से कोई व्यवसाय नहीं है, लेकिन नोटिस में एक फर्म का उल्लेख है। यह माना जा रहा है कि किसी ने उसके पेन कार्ड और आधार कार्ड का दुरुपयोग करते हुए फर्म का संचालन किया है। अब जीएसटी बकाया होने पर संबंधित विभाग का नोटिस नरपतराम को भेजा गया है। पीडि़त के मुताबिक उसके दस्तावेज उसके पास ही है। ऐसे में यह साइबर अपराध का भी मामला माना जा रहा है।
नरपतराम ने बताया कि जब से उसे नोटिस मिला है, वह परेशानियों में घिर गया है। उसे आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। पहले शिकायत सदर पुलिस थाना में दर्ज भी नहीं की गई। बाद में पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करने के बाद सदर थाना में शिकायत दर्ज की गई है। नरपतराम ने बताया कि उसने साल 2017 से अब तक के बैंक स्टेटमेंट भी निकलवाए हैं।