
Assam News : असम के सीमावर्ती जिले धुबरी में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर ला खड़ा किया है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हिंसा पर नियंत्रण पाने के लिए सख्त कदम उठाते हुए रात के समय ‘देखते ही गोली मारने’ के आदेश जारी कर दिए हैं। यह आदेश विशेष रूप से उन इलाकों में लागू होंगे, जहां अशांति की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
मुख्यमंत्री सरमा ने शुक्रवार को धुबरी पहुंचकर हालात का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य सरकार किसी भी समुदाय को कानून व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने कहा, "धुबरी को अस्थिर करने की कोई साजिश सफल नहीं होने दी जाएगी। यह ज़िला हमारे नियंत्रण से बाहर नहीं जा सकता।"
तनाव की शुरुआत बकरीद के ठीक अगले दिन हुई, जब धुबरी शहर के हनुमान मंदिर के पास गोवंश के अंग मिलने की खबर सामने आई। स्थानीय लोगों ने इसका कड़ा विरोध दर्ज कराया। हालांकि दोनों समुदायों के नेताओं ने संयम बरतते हुए शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन इसके अगले ही दिन फिर से उसी स्थान पर मांस का टुकड़ा फेंका गया, जिससे हालात और बिगड़ गए। रात में पत्थरबाजी की घटनाएं भी सामने आईं। मुख्यमंत्री ने कहा - धार्मिक स्थलों को अपवित्र करने की कोशिश बेहद शर्मनाक है। ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने एक नई चिंता जताई कि धुबरी में अवैध मवेशी व्यापार का एक संगठित गिरोह सक्रिय हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि इस बार बकरीद से ठीक पहले पश्चिम बंगाल से हजारों मवेशी लाकर ‘बीफ माफिया’ ने भारी मात्रा में गोमांस की तस्करी की है।
उन्होंने कहा - यह पूरी गतिविधि एक सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करती है। “मैंने इसकी जांच के आदेश दिए हैं और प्रशासन को ऐसे सभी लोगों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं, जो इस अवैध व्यापार से जुड़े हैं।
सरमा ने यह भी बताया कि बकरीद से एक दिन पहले ‘नबीन बांग्ला’ नामक संगठन द्वारा शहर में भड़काऊ पोस्टर चिपकाए गए, जिनमें धुबरी को बांग्लादेश का हिस्सा बनाने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि यह भी इस पूरी साजिश का हिस्सा हो सकता है और इसकी जांच भी प्राथमिकता पर की जा रही है। मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि धुबरी जिले में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की कंपनियां तुरंत तैनात की जाएं। जिन्होंने कानून को अपने हाथ में लिया है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा । Assam News