हिंदू धर्म में पंचांग को समय और ग्रह-नक्षत्रों का दर्पण माना जाता है। इसके जरिए यह जाना जाता है कि दिन का कौन-सा समय शुभ है और किस समय नए कार्यों से बचना चाहिए। आज का दिन भी कई महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संयोग लेकर आया है।

हर नया दिन अपने साथ नए अवसर लेकर आता है। ऐसे में अगर आप किसी शुभ काम की शुरुआत करने, पूजा-पाठ करने, यात्रा पर निकलने या कोई नया फैसला लेने की सोच रहे हैं तो पंचांग की जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। हिंदू धर्म में पंचांग को समय और ग्रह-नक्षत्रों का दर्पण माना जाता है। इसके जरिए यह जाना जाता है कि दिन का कौन-सा समय शुभ है और किस समय नए कार्यों से बचना चाहिए। आज का दिन भी कई महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संयोग लेकर आया है।
पंचांग के अनुसार, 11 जुलाई को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि सुबह 5:23 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि शुरू होगी जो देर रात 2:04 बजे तक प्रभावी रहेगी। शनिवार होने के कारण यह दिन भगवान शनिदेव की पूजा और व्रत के लिए भी विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
दिन की शुरुआत और समाप्ति का समय भी पंचांग का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। 11 जुलाई को सूर्योदय सुबह 5:16 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6:53 बजे होगा। वहीं चंद्रमा रात 1:34 बजे उदित होगा और दोपहर 3:53 बजे अस्त होगा। कृत्तिका नक्षत्र सुबह 11:04 बजे तक रहेगा इसके बाद अगला नक्षत्र शुरू हो जाएगा। इसके अलावा गंड योग रात 12:06 बजे तक और बालव करण सुबह 5:22 बजे तक प्रभावी रहेगा।
अगर आप किसी नए काम की शुरुआत, पूजा, निवेश, गृह प्रवेश या अन्य शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं तो अभिजीत मुहूर्त सबसे अनुकूल माना जाता है। 11 जुलाई को अभिजित मुहूर्त सुबह 11:37 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस समय किए गए शुभ कार्यों के सफल होने की संभावना अधिक मानी जाती है।
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शुभ समय के साथ-साथ ऐसे समय की जानकारी भी जरूरी होती है जब नए कार्यों की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। 11 जुलाई को राहुकाल सुबह 8:40 बजे से 10:22 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान नए काम शुरू करने से बचना चाहिए। इसके अलावा गुलिक काल और यमघण्ट काल का भी विशेष महत्व माना जाता है।
राहुकाल: सुबह 8:40 बजे से 10:22 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 5:16 बजे से 6:58 बजे तक
यमघण्ट काल: दोपहर 1:46 बजे से 3:28 बजे तक
11 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे जबकि चंद्रमा वृष राशि में गोचर करेंगे। ग्रहों की यह स्थिति कई राशियों के लिए सकारात्मक प्रभाव लेकर आ सकती है। वहीं कृत्तिका नक्षत्र और गंड योग का भी दिनभर के शुभ-अशुभ कार्यों पर प्रभाव रहेगा।
अगर आप शनिवार को किसी जरूरी यात्रा की योजना बना रहे हैं तो दिशाशूल की जानकारी जरूर देख लें। पंचांग के अनुसार इस दिन पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि इस दिशा में यात्रा करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। यदि यात्रा टालना संभव न हो तो परंपरा के अनुसार शुभ उपाय करके यात्रा शुरू करने की सलाह दी जाती है।
हिंदू परंपरा में पंचांग केवल तिथि और समय बताने का माध्यम नहीं है बल्कि यह शुभ और अशुभ समय का मार्गदर्शन भी करता है। विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन, वाहन खरीदने, नया व्यापार शुरू करने या किसी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले पंचांग देखने की परंपरा आज भी निभाई जाती है। यही वजह है कि हर दिन की शुरुआत में पंचांग की जानकारी लेना शुभ माना जाता है।
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। चेतना मंच इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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