
Amarnath Yatra 2022: कोरोन काल के दो साल बाद आज से पवित्र अमरनाथ यात्रा शुरु हो गई है। कश्मीर से बाबा अमरनाथ के दर्शन करने के लिए यात्रियों का पहला जत्था रवाना हो चुका है और यात्रियों का यह जत्था आज बाबा बर्फानी के दर्शन करेगा। इस जत्थे में 4890 शिवभक्त शामिल हैं, जो 176 वाहनों में सवार हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए चाक चौबंद बंदोबस्त किए गए हैं। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है।
जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने आधार शिविर भगवती नगर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हरी झंडी दिखाकर जम्मू से पहले जत्थे को रवाना किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में शांति, समृद्धि और एक सुरक्षित आध्यात्मिक यात्रा के लिए प्रार्थना की। इस दौरान पूरा माहौल शिवमय बना हुआ था। आधार शिविर पूरी तरह से शिवभक्तों से भरा था। सीआरपीएफ के बैंड की धुनों से भक्तों का स्वागत किया गया। 43 दिन की यात्रा की शुरुआत पर भोले के भक्त झूमते नजर आए। उप राज्यपाल का कहना था कि आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए सुरक्षाबल पूरी तरह से मुस्तैद हैं, इसलिए हम बिना खौफ बाबा के दर्शन करेंगे। यात्रा के लिए हजारों सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है।
आज तड़के यह जत्था बालटाल और पहलगाम बेस कैंप से पहला जत्था पवित्र गुफा की ओर बढ गया है। दक्षिण कश्मीर पहलगाम से नुनवान रूट से पवित्र गुफा की दूरी 32 किमी और मध्य कश्मीर गांदरबल में बालटाल मार्ग से यह फासला 14 किमी है। बालटाल से जाने वाले श्रद्धालु पवित्र गुफा में पहले दर्शन करके लौट सकेंगे। पहलगाम में नुनवान बेस कैंप में श्रद्धालु रुकेंगे।
आपको बता दें कि श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा दक्षिण कश्मीर हिमालय में 13500 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन पर अमरनाथ यात्रा को बीच में स्थगित करना पड़ा था, जिसके बाद दो साल कोविड महामारी के कारण यात्रा नहीं हो पाई। वर्ष 2019 में 3.42 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। यात्रा की सुरक्षा के लिए जम्मू शहर में ही पांच हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।बाबा बर्फानी के भक्तों की लोकेशन पर लगातार नजर रखने के लिए पहली बार रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) कार्ड जारी किया गया है। इससे यात्रियों की सुरक्षा और पुख्ता की गई है। वहीं, पुलिस ने अमरनाथ यात्रियों को लाने ले जाने की सेवा में लगे वाहनों के लिए विशेष स्टिकर जारी किए हैं। स्टिकर के बिना वाहनों को अमरनाथ की पवित्र गुफा की ओर जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
आपको बता दें कि वर्ष 2019 की अमरनाथ यात्रा में एक जुलाई से एक अगस्त तक 3.42 लाख श्रद्धालु देश भर से पहुंचे थे। अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर यात्रा को बीच में ही रोक दिया गया था।