भारतीय सभ्यता के सभी ऋषि मुनि यज्ञ तथा हवन खुद भी करते थे

Significance Of Yagyas : भारतीय सभ्यता में यज्ञ तथा हवन करने का प्रचलन बहुत पुराना है। यूं भी कह सकते हैं कि भारतीय सभ्यता जितनी सनातन (पुरानी) है उतना ही पुराना इतिहास है यज्ञ और हवन का। यज्ञ अथवा हवन करने से प्राणी को बहुत बड़ा पुण्य प्राप्त होता है। यही कारण है कि भारतीय सभ्यता के सभी ऋषि मुनि यज्ञ तथा हवन खुद भी करते थे और अपने भक्तों से भी यज्ञ तथा हवन कराते थे। हम आपको बताएंगे कि 100 यज्ञ करने से जितना फल अथवा पुण्य मिलता है उतना ही पुण्य किसी पीडि़त गरीब व्यक्ति की सेवा करने से कैसे मिलता है ?
Significance Of Yagyas