देवउठनी एकादशी पर इस बार कुछ ऐसा संयोग जिसे सुनकर आप भी कहेंगे वाह बाबा श्याम
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 08:29 AM
हर साल की तरह इस बार भी कार्तिक शुक्ल एकादशी को देवउठनी पर्व मनाया जाएगा, जब भगवान विष्णु क्षीरसागर से चार महीने की निद्रा के बाद जागते हैं। लेकिन इस बार का देवउठनी कुछ रहस्यमयी और खास होने वाला है। भक्तों के बीच इस दिन को लेकर ऐसी चर्चा हैं जो पूरे देश में भक्ति और उल्लास की लहर ला रही हैं आखिर इस बार ऐसा कौन-सा दिव्य योग बन रहा हैं जानिए आगे। Devuthani Ekadashi :
देवउठनी के दिन खाटू श्याम जी का जन्मदिन दोगुनी भक्ति, दोगुना आशीर्वाद
दशहरा, दिवाली और छठ महापर्व के बाद आती है देव उठनी एकादशी. जी हां आपको बता दें कि इस साल का देवउठनी पर्व बेहद दुर्लभ संयोग लेकर आया हैं। इस दिन न सिर्फ़ भगवान विष्णु का जागरण होगा, बल्कि खाटू श्याम जी का जन्मोत्सव भी मनाया जाएगा। आपको बता दें कि खाटू श्याम बाबा का जन्मदिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी देवउठनी एकादशी पर होता है। इस साल देव उठनी एकादशी 1 नवंबर 2025 को मनाई जाएगी। इसलिए बाबा का जन्मदिन भी इसी दिन मनाया जाएगा। यानी एक तरफ विष्णु भगवान का उत्थान, तो दूसरी ओर श्रीकृष्ण के श्याम रूप का जन्मोत्सव भक्ति का डबल सेलिब्रेशन। इस दिन राजस्थान के सीकर जिले के खाटूधाम मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ने की संभावना है। मंदिर में फूलों की वर्षा, भव्य झांकी, अखंड कीर्तन और श्याम नाम के जयकारों से पूरा धाम गूंजेगा।
खाटू श्याम बाबा का जन्म हारे का सहारा बनने की कथा
कहा जाता है कि महाभारत के समय महान योद्धा बर्बरीक ने भगवान श्रीकृष्ण को अपना शीश दान कर दिया था। उनके इस अद्भुत बलिदान के बाद श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि कलियुग में तुम श्याम नाम से पूजे जाओगे, और हारे का सहारा बनोगे। तभी से बाबा श्याम को ह्लहारे का सहाराह्व कहा जाता है, जिनके दरबार में हर भक्त अपनी मनोकामना लेकर आता है। मान्यता है कि सच्चे मन से बाबा श्याम की पूजा आराधना करने से बाबा सभी की मुरादें पूरी करते हैं।
जब एक ही दिन करें भगवान विष्णु और श्याम की आराधना
इस शुभ अवसर पर भक्तों को सुबह सबसे पहले तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाकर विष्णु भगवान को जगाना चाहिए। उसके बाद बाबा श्याम जी की पूजा करें बाबा को गुलाब, कनेर या पीले फूल अर्पित करें। श्याम नाम का जाप 108 बार करें। खीर, चूरमा या हलवा का भोग लगाएं। शाम को दीपदान कर यह प्रार्थना करें हे बाबा श्याम, हर हार को जीत में बदल दो, जैसे आपने इतिहास रचा था।
भक्तों के लिए, दोहरी भक्ति का अवसर
इस साल का देवउठनी पर्व सच में खास और अद्भुत है। एक ही दिन विष्णु जागरण और श्याम जन्मोत्सव का मिलन भक्तों के लिए सौभाग्यशाली है। कहा जाता है जो इस दिन जो भक्त सच्चे मन से श्याम नाम का जाप करता है, उसके जीवन की हर रुकावट मिट जाती है और नई राहें खुल जाती हैं।