दीपावली की रौनक का पहला पड़ाव धनतेरस, कब है शुभ मुहूर्त
भारत
चेतना मंच
17 Oct 2025 01:57 PM
दीपों के त्योहार दीपावली की असली रौनक शुरू होती है धनतेरस से, जो कि इस साल शनिवार, 18 अक्टूबर 2025 को पूरे देश भर में हर्षोउल्लास के साथ मनाई जाएगी। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला यह दिन सिर्फ खरीदारी का नहीं, बल्कि धन, स्वास्थ्य और सौभाग्य के संगम का प्रतीक है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माँ लक्ष्मी, और कुबेर देवता की आराधना की जाती है। Dhanteras 2025
धनतेरस का शुभ मुहूर्त कब करें पूजा और खरीदारी
अगर आप सोच रहे हैं कि पूजा या खरीदारी का सही समय क्या है, तो ध्यान दें शनिवार, 18 अक्टूबर शाम 7:15 बजे से रात 8:19 बजे तक का समय रहेगा सबसे शुभ रहेगा। इसी प्रदोष काल में लक्ष्मी जी का आगमन होगा। माना जाता है इस दौरान दीपक जलाकर, पूजा करके और नया समान खरीदकर समृद्धि का द्वार खुलता है। साथ ही खरीदारी का शुभ मुहूर्त धनतेरस के दिन पूरे दिन खरीदारी करना शुभ माना जाता है, लेकिन पांचग के अनुसार शाम 6:30 बजे से रात 8:30 बजे तक का समय सबसे उत्तम रहेगा। इस समय सोना-चांदी, बर्तन, गहने, वाहन या घर के लिए नई चीजें खरीदना धन वृद्धि और सुख-समृद्धि का प्रतीक होता है।
दीपावली से पहले क्यों मनाया जाता है धनतेरस
धनतेरस, दिवाली की शुरुआत का पहला कदम है। यह दिन स्वास्थ्य और धन दोनों की स्थापना का प्रतीक है। एक पौराणिक कथा के अनुसार, इसी दिन यमराज को प्रसन्न करने के लिए दीपदान किया गया था, जिससे मृत्यु टल गई थी। तभी से यमदीपदान की परंपरा चली आ रही है और इस दिन को शुभता का प्रतीक माना जाने लगा हैं। धनतेरस का अर्थ सिर्फ खरीदारी नहीं बल्कि नई रोशनी से जीवन को जगमगाना है। इस दिन की गई पूजा और दान, दिवाली के पूरे सप्ताह को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।
धनतेरस के दिन सोने-चांदी के साथ एक और चीज जरूर खरीदी जाती हैं जैसा कि यह कुछ लोग जानते है इस दिन धनिया और झाड़ू का लेना बहुत जरूरी होता हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस की रात धनिया के बीज खरीदकर घर में रखने से वर्षभर अन्न व धन की कमी नहीं होती। अगली सुबह इन बीजों को बोना समृद्धि और शुभ फल देने वाला माना गया है। वहीं झाड़ू खरीदना भी इस दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। पुराणों के अनुसार, झाड़ू दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है। इसे घर में लक्ष्मी के प्रवेश का प्रतीक कहा गया है। महापुराणों में वर्णित है कि इन वस्तुओं की खरीद से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन, अन्न व सौभाग्य की वृद्धि होती है। इसलिए इस धनतेरस पर सोने के साथ थोड़ी हरियाली और स्वच्छता का प्रतीक धनिया-झाड़ू जरूर लाएं। Dhanteras 2025
क्या खरीदना रहेगा सबसे शुभ ,जानिए परंपरा और विज्ञान दोनों का राज
धनतेरस सिर्फ शॉपिंग डे नहीं, बल्कि आध्यात्मिक निवेश का दिन है। बता दें कि जो वस्तु इस दिन खरीदी जाती है, वह घर में सकारात्मक ऊर्जा, सौभाग्य और दीर्घ समृद्धि लाती है।
1. सोना-चाँदी धन और स्थिरता का प्रतीक इस दिन छोटा-सा सिक्का, बिस्किट या आभूषण खरीदना शुभ माना गया है। कहते हैं, इससे पूरे वर्ष आर्थिक प्रगति बनी रहती है।
2 धातु के बर्तन पीतल, तांबा, स्टील ये ग्रहों को संतुलित करते हैं और घर में स्थायी ऊर्जा लाते हैं।इनमें पानी या अनाज रखकर रखना और भी शुभ होता है।
3 दीपक और लक्ष्मी-गणेश या मिट्टी के दीपक घर में सुख-शांति और आध्यात्मिकता का प्रतीक हैं। इस दिन यह भी लेना बेहद शुभ होता हैं।
4 नई झाड़ू,पुराने दोषों को हटाकर नए सौभाग्य को बुलाने का प्रतीक झाड़ू से घर नहीं दुर्भाग्य झाड़ा जाता है। इस दिन झाडू लेना बहोत शुभ होता है।
5.आयुर्वेदिक वस्तुएँ क्योंकि धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा होती है यानी स्वास्थ्य भी इस दिन का महत्वपूर्ण भाग है।
6 इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या नई मशीनेंआधुनिक युग की ‘धातु संपत्ति’ माना जाता हैं, जो घर में नई तकनीकी ऊर्जा लाती हैं। Dhanteras 2025