Sanskrit : ये के च ज्मा महिनो अहिमाया दिवो जज्ञिरे अपां सधस्थे।
ते अस्मभ्यमिषये विश्वमायुः क्षप उस्रा वरिवस्यन्तु देवाः॥ ऋग्वेद ६-५२-१५॥
Hindi : वो सभी देवता पृथ्वी, द्युलोक और अंतरिक्ष से दिन-रात हमारे आरोग्य, आयु और विज्ञान की वृद्धि करते हैं। वे सभी हमारे सत्कार के योग्य हैं। (ऋग्वेद ६-५२-१५)
English : All those Devta who, from earth, middle space, and space, augment and develop our health, age, and science day and night. They all deserve our respect. (Rig Veda 6-52-15)