Sanskrit : सुसंदृक्ते स्वनीक प्रतीकं वि यद्रुक्मो न रोचस उपाके।
दिवो न ते तन्यतुरेति शुष्मश्चित्रो न सूरः प्रति चक्षि भानुम्॥ ऋग्वेद ७-३-६॥
Hindi : हे देदीप्यमान अग्नि! आप जब हमारे समीप चमकती हो तो सूर्य के समान दर्शनीय हो जाती हो। जब आकाश में कड़कती हो तो उससे हमारे अंदर शक्ति का संचार होता है। यह शक्ति वासना के रूप में जो हमारे शत्रु हैं उन को नष्ट करने में सहायता करती है। (ऋग्वेद ७-३-६)
English : O resplendent Agni! When you shine near us, you become visibly beautiful, like the sun. When you strike in the sky, energy is transmitted to us. This energy helps us destroy our enemies present in the form of lust. (Rig Veda 7-3-6)