Sanskrit : स सर्गेण शवसा तक्तो अत्यैरप इन्द्रो दक्षिणतस्तुराषाट्।
इत्था सृजाना अनपावृदर्थं दिवेदिवे विविषुरप्रमृष्यम्॥ ऋग्वेद ६-३२-५॥
Hindi : हे इंद्रियों पर विजय प्राप्त करने वाले मनुष्य! आप अपने अंदर त्याग और बल को उत्पन्न करके सतत क्रियाशील होकर सरलता से अपने कर्मों को करते रहो। अपने हिंसक शत्रु पर विजय प्राप्त करो और लौकिक वासनाओं के सामने झुको नहीं। आप मुक्ति प्राप्त करने के मार्ग पर चलते रहो। (ऋग्वेद ६-३२-५)
English : O man, who conquers the Indriyan! By generating renunciation and strength within yourself, be swiftly act and do your deeds with ease. Conquer your violent enemy and do not bow down to worldly lusts. May you continue on the path of attaining salvation. (Rig Veda 6-32-5)