
Flowers and perfume : मनुष्य के जीवन में पेड़ पौधों और फूलों का बहुत ही महत्व होता है। यह महत्व केवल घर आंगन को सजाने तक ही सीमित नहीं है। विभिन्न प्रजाति के फूलों की खुशबू (Flowers and perfume) जहां हमें तरोताजा करती है, वहीं फूलों का उपयोग हम घर और दुकान आदि में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाने के लिए भी कर सकते हैं। विभिन्न प्रकार के पौधे एवं फूल न केवल हमारे जीवन को तनावमुक्त करते हैं, बल्कि हमारे जीवन के हर पहलु की खुशी को भी बढ़ाते हैं। इन सके साथ ही यदि कोई ग्रह हमारी जिंदगी में परेशानी उत्पन्न कर रहा है तो उन सभी परेशानियों का समाधान हम फूल और उसकी सुगंध (Flowers and perfume) के माध्यम से कर सकते हैं।
ज्योतिष शास्त्र में ग्रह शांति और फलों का महत्व है। फूल और उनकी सुुगंध से हमें अनुकूल फल देने वाले ग्रहों की शांति कर सकते हैं। फूलों से संबंधित ग्रहों पर प्रभाव पड़ता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य कमजोर है तो उसे गुडहल के पुष्प को जल में डालकर सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए, इससे जातक को यश की प्राप्ति होगी। इसके साथ ही केसर और गुलाब की सुगंध वाली वस्तुओं का प्रयोग भी श्रेयस्कर रहेगा। जन्मकुंडली में चंद्रमा को मजबूत करने करने के लिए हमें हरसिंगार के फूलों का प्रयोग करना चाहिए। इससे मानसिक शांति मिलती है। चमेली और रात की रानी के पुष्प के इत्र का प्रयोग भी चंद्रमा को मजबूत करता है। गुडहल के फूल का प्रयोग हमारी मंगल ग्रह की समस्या दूर कर सकता है। हर प्रकार की कानूनी समस्याओं के समाधान को हल के लिए हनुमान पर गुडहल के पुष्प अर्पित करने चाहिए।
बुध ग्रह की शांति के लिए चंपा के पुष्प, तेल और इत्र का प्रयोग कर सकते हैं। गुरु बृहस्पति के कमजोर होने पर केले का पौधा घर में लगाना चाहिए। इसे हम भगवान विष्णु का स्वरुप मानते हैं। विवाह संबंधी सभी रुकावटों को दूर करने के लिए केले की पूजा करनी चाहिए। इसके साथ ही केसर और केवड़ा के इत्र का प्रयोग कर हम बृहस्पति की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। शुक्र ग्रह को सुधारने के लिए चंदन और कपूर की सुगंध का प्रयोग करना चाहिए। इसके साथ ही शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करके भी हम शुक्र ग्रह को मजबूत कर सकते हैं। शनि के प्रभाव को हम घर पर लोबान जलाकर दूर कर सकते हैं। साथ ही कस्तूरी का इत्र शनि को मजबूत करता है। छाया ग्रह, राहू-केतु के लिए हम काली गाय का घी और कस्तुरी के इत्र का प्रयोग कर सकते हैं। अनार के पौधे का भी राहू-केतु को नियंत्रित करने में काफी योगदान होता है। अनार के फूल को शहर में भिगोकर भगवान शिव को अर्पित करने से मनुष्य के सभी कष्ट समाप्त होते हैं। दैनिक जीवन में फूलों का प्रयोग कर मानव काफी हद तक अपने ग्रहों को अनुकूल बना सकता है।