
Ganga River:[/caption]
जब तुम उसके प्रतिकूल आचरण पर क्रोध करोगे तभी गंगा तुम्हारा त्याग कर देगी और तुम शाप मुक्त हो जाओगे । द्वापर युग में राजर्षी महाभिष ने शांतनु के रूप में जन्म लिया और गंगा। ने जह्नु पुत्री बनकर उनके साथ विवाह किया । भरतवंशी महाराज शांतनु हस्तिनापुर साम्राज्य के सम्राट थे। गंंगा ने पहले सात पुत्रों को जन्म देकर गंगा में प्रवाहित कर दिया , पहले तो शांतनु यह सब गंगा की विवाह के समय रखी शर्त की आप मुझे मेरे द्वारा किये जा रहे किसी कार्य को रोकेंग नही, जिस दिन आपने मुझे रोक कर क्रोध किया मैं उसी दिन आपको त्याग दूंगी ।