उगादी, नवरात्रि, गुड़ी पड़वा और हिंदू नव वर्ष के साथ त्यौहारों का लगा मेला
Gudi Padwa Ugadi Navratri Celebration
भारत
चेतना मंच
09 Apr 2024 03:52 PM
Gudi Padwa Ugadi Navratri Celebration : चैत्र माह का पहला दिन, दिल खुश कर देने वाला समय होता है. देश भर में यह किसी न किसी रुप में संपन्न होता है. हर ओर इस दिन की अलग ही धूम दिखाई देती है. जहां उत्तर भारत में नवरात्रि का रंग होता है वहीं दक्षिण भारत की ओर उगादी का रंग दिखाई देता है ओर सारे देश में हिंदू नव वर्ष का उत्साह दिखाई देता है. आइये जानें देश भर में मचें इन त्यौहारों का उत्साह ओर नवरात्रि, उगादि, गुड़ी पड़व कहां कैसे मनाए जाते हैं.
उत्तर से दक्षिण तक सुनाई देती है त्यौहारों की झनक
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष का समय लोगों में खुशी की लहर लाने वाला समय होता है. इस समय पर हर कोने में किसी न किसी रुप में आध्यात्मिकता एवं धार्मिक उत्साह ही लहर दिखाई देती है. इन त्योहारों के द्वारा लोग अपने उत्साह और भक्ति को दर्शाते हैं. समर्पण एवं नई आशाओं का संचार इस समय पर हर ओर दिखाई देता है. नव चेतना का आगमन एवं संपन्नता एवं सुख का आगमन होता है. जहां हिंदू पंचांग के अनुसार यह नव वर्ष काल गणना का समय होता है वहीं उगादि के रुप में भी यह नई शुरुआत को दर्शाता है और इसे देश के दक्षिण भारत के अनेक स्थानों पर उत्साह के साथ मनाया जाता है. तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के लोगों के लिए इस दिन का बहुत विशेष महत्व माना गया है.
देश भर में दिखाई देता है परंपराओं का संगम
महाराष्ट्र जैसे स्थानों में गुड़ी पड़वा का विशेष महत्व माना जाता है और इसे उत्साह के साथ मनाते हैं. इसके अलावा देश के अधिकांश भागों में चैत्र नवरात्रि के दिन को दुर्गा पूजा के रूप में भी मनाया जाता है. उगादी के त्योहार को दक्षिण भारत के क्षेत्रों में मनाते हैं. इस समय पर लोग नव वर्ष के आरंभ हेतु कई तरह के कार्यों को करते हैं नच साल के आगमन की खुशियां मनाते हैं.
यह समय जीवन में शुभता के आगमन का संकेत बनता है. इस दिन को नव मौसम के आगमन की सूचना को दर्शाता है. मौसम में होने वाले बदलाव इसी समय का सूचक बनते हैं परंपराओं के अनुसार इस समय को हर प्रकार की नकारात्मकताओं से बचाव हेतु कई तरह के अनुष्ठान भी किया जाता है.
ज्योतिषाचार्या राजरानी