भूत प्रेत पिशाच योनि से मुक्ति दिलाता है जया एकादशी व्रत, जाने जाने शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि
Jaya Ekadashi 2024
भारत
RP Raghuvanshi
19 Feb 2024 05:42 PM
Jaya Ekadashi 2024 : हमारे सनातन धर्म मे एकादशी का बहुत महत्व होता हैं । इस दिन किया गया व्रत और पूजा पाठ कई गुना फल मिलता हैं । हिंदू पंचांग के अनुसार हर माह मे दो एकादशी तिथी पड़तीं हैं एक शुक्ल पक्ष की दूसरी कृष्ण पक्ष की । माघ माह की एकादशी को जया एकादशी के नाम से जाना जाता हैं । इस वर्ष जया एकादशी 20 फरवरी 2024 को पड़ रही हैं ।
जया एकादशी का पुराणों मे भी बड़ा महत्व हैं । कहा जाता है कि इस व्रत को करने से कोई भी भूत प्रेत पिशाच योनि से मुक्त होता हैं । श्रद्धापूर्वक इस व्रत को करने से ब्रह्म हत्या के पाप से भी मुक्त हो जाता हैं ।भगवान विष्णु की कृपा से जीवन आने वाली समस्त बाधाओं से मुक्ति मिलती हैं और जीवन मे सुखों की प्राप्ति होती हैं । इस दिन श्रीहरि की पूजा से मोक्ष प्राप्त होता है. इस दिन प्रीति योग और रवि योग का निर्माण भी हो रहा है। इस व्रत को करने वाला व्यक्ति पितृ, कुयोनि को त्याग कर स्वर्ग में चला जाता है। साधक को अपने जीवन में अध्यत्मिक और भौतिक सुखों की प्राप्ति होती हैं । शास्त्रों मे ऐसा कहा गया है कि इस व्रत को करने से मरणोपरांत मोक्ष की प्राप्ति होती हैं । इस दिन किये गये उपाय विशेष फलदायी होते हैं । यहाँ दिये गये उपायों को अपना कर आप भी मोक्ष की प्राप्ति कर सकतें हो।
जया एकादशी को किये जाने वाले विशेष उपाय:
एकादशी के दिन प्रातः स्नान करके भगवान विष्णु जी के चित्र के सामने देशी घी का दीपक जलाये और उनसे प्रार्थना करे । आपके घर मे धन धान्य की कमी नही होगी।
भगवान विष्णु जी की मूर्ति की स्थापना कर जलाभिषेक करें। दूध और केसर युक्त मिष्ठान तैयार कर भगवान विष्णु को अर्पित करें। पुष्प, धूप ,दीप ,नैवेद्य से पूजा करें ।
श्री हरी विष्णु जी को पूजा मे पीले पुष्प,पीली मिठाई,पीले वस्त्र अर्पित करें । पूजा के उपरांत गाय को चारा खिलाएं और दान पुण्य करे।
एकादशी के दिन सात्विक भोजन करना चाहिए । ब्रम्हचर्य का पालन करना चाहिए और झूठ बोलने से बचना चाहिए । एकादशी के दिन चावल खाने से बचना चाहिए ।
शाम को तुलसी के पौधे मे देशी घी का दीपक जलाये और तुलसी जी की पूजा करें ।
जया एकादशी का शुभ मुहूर्त : Jaya Ekadashi 2024
माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी 19 फरवरी 2024 को सुबह 08 बजकर 49 मिनट पर शुरू होकर अगले दिन 20 फरवरी 2024 को सुबह 09 बजकर 55 मिनट पर समाप्त होगी। पंचांग के अनुसार उदय तिथि को देखते हुए एकादशी का व्रत 20 फरवरी दिन मंगलवार को रखा जायेगा।
पूजा का शुभ मुहूर्त:
जया एकादशी के दिन पूजा का मुहूर्त सूर्योदय के समय से ही रहेगा।इस दिन प्रीती योग और रवि योग भी रहेगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 14 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक रहेगा. वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा।इं शुभ मुहूर्त मे आप श्री हरी विष्णु जी की पूजा करके पुण्य फलों की प्राप्ति कर सकतें हैं ।