Mauni Amavasya 2022- मौनी अमावस्या पर स्नान और दान का शुभ मुहूर्त है ये
मौनी अमावस्या 2022 स्नान व दान का शुभ मुहूर्त
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 05:20 AM
Mauni Amavasya 2022- आज माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है, जिसे मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya 2022) के रूप में जाना जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक प्रतिवर्ष माघ मास में अमावस्या तिथि को मौनी अमावस्या के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का हिंदू धर्म में बहुत ही खास महत्व होता है। मौनी अमावस्या माघी अमावस्या के नाम से भी जानी जाती है।
क्या है मौनी अमावस्या का खास महत्व -
हिंदू धर्म में माघ मास का बहुत ही धार्मिक महत्व होता है। माघ के महीने में प्रतिदिन स्नान और दान करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और पापों से मुक्ति मिलती है। वैसे तो माघ माह के हर दिन का एक खास महत्व होता है, लेकिन इस महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि धार्मिक दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण होती है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इस दिन स्नान एवं दान के साथ भगवान विष्णु की आराधना करने से सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत का भी विशेष महत्व होता है। इस दिन मौन व्रत रखने के पीछे का उद्देश्य है, अंतर्मन में झांकना, भगवान की भक्ति में लीन होना और ध्यान करना। ऐसा माना जाता है कि मौन व्रत रखने से आध्यात्मिक चेतना का विकास होता है।
1 फरवरी 2022 को है मौनी अमावस्या-
इस साल मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya 2022) का पर्व मंगलवार 1 फरवरी 2022 यानी आज पड़ रहा है। आज के दिन गंगा स्नान का बहुत खास ही महत्व है। इसके साथ ही मौनी अमावस्या के पर्व पर शुभ मुहूर्त में स्नान एवं दान करना अत्यधिक फलदायक होता है।
इस बार क्या है स्नान एवं दान का शुभ मुहूर्त-
31 जनवरी 2022 को दोपहर 2:18 से अमावस्या लग गया है जो आज यानी 1 फरवरी 2022 को 11:15 तक रहेगा। उदया तिथि में होने की वजह से इस पर्व पर दान और स्नान के लिए आज का दिन शुभ है। आज 11:15 से पहले तक स्नान एवं दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होगी।
इस वर्ष अमावस्या (Mauni Amavasya 2022) के पर्व पर बहुत ही शुभ योग बन रहा है। पूरे 27 वर्ष बाद अमावस्या के पर्व पर मकर राशि में शनि देव व सूर्य देव गोचर कर रहे हैं। इस वर्ष महोदय एवं सर्वार्थ सिद्धि के योग बन रहे हैं। आज किसी पवित्र नदी में स्नान करने, दान करने और पूजा पाठ करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होगी।
मौनी अमावस्या के पर्व पर गंगा स्नान का बहुत ही विशेष महत्व होता है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि मौनी अमावस्या के पर्व पर गंगा का जल अमृत बन जाता है। इस दिन गंगा स्नान करने से मनुष्य के सारे पाप नष्ट होते है, और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
कैसे करें स्नान -
मौनी अमावस्या के पर्व पर स्नान से पहले संकल्प लेना चाहिए। इसके बाद सिर पर चल लगाकर प्रणाम करने के उपरांत स्नान करना चाहिए। स्नान आज के बाद स्वच्छ वस्त्र पहन कर सूर्य देव को काले तिल एवं जल का अर्घ्य देना चाहिए। तिल के लड्डू का दान देना चाहिए। ऐसा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।