सातवें दिन माँ कालरात्रि के इस मंत्र से दूर होंगे सभी दुश्मन एवं बाधाए
Navratri 2023 Day 7
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:24 AM
Navratri 2023 Day 7 Maa Kaalratri Puja Maa Kaalratri Puja नवरात्रि का सातवां दिन देवी कालरात्रि के पूजन का समय होता है. देवी कालरात्रि का स्वरुप जितना भयानक है उतने ही सुंदर उनके गुण है. वास्तव में माता का यह रुप दुष्टों के संहार के लिए ही माँ ने धरा है. दूसरी ओर भक्तों को प्रेम एवं सुख प्रदान करने वाली माता कालरात्रि का एक नाम शुभंकरी है. माता सभी शुभ फल प्रदान करने वाली हैं तथा बाधाओं को हर लेने वाली हैं. माता गधे पर विराजमान हाथों में खड़ग धारण किए अपने विकराल रुप से समस्त सृष्टि की नकारात्मक उर्जा को नष्ट कर देने वाली हैं.
माँ कालरात्रि पूजा से होता है नकारात्मकता का नाश
नवरत्रि का यह दिन नकारात्मक ऊर्जाओं को समाप्त करने के साथ साथ रोग दोष को दूर करने वाला होता है. इस दिन कालरात्रि शक्ति के द्वारा नकारात्मकता दूर होती है. देवी दुश्मनों को समाप्त करने वाली है तथा भक्तों की रक्षा करती है. माँ कालरात्रि को उग्र रुप वाली किंतु शुभ फल देने वाली के रूप में स्थान प्रदान है. देवी का चित्रण शत्रुओं का दमन करता है. माता ने अपने हाथों में खड़ग धारा है तथा उनका दाहिना हाथ वर मुद्रा में है और निचला दाहिना हाथ अभय मुद्रा में भक्तों को संतुष्ट करता है. माँ कालरात्रि पूजा के दिन मंत्रों द्वारा शक्ति का पूजन किया जाता है. इस पूजा के दौरान आभा को शुद्ध करने और सिद्धियाँ और निधियाँ को पाने का आशीर्वाद मिलता है. माँ कालरात्रि पूजा को नवरात्रि की सातवीं शक्ति के रुप में पूजा जाता है. माँ कालरात्रि देवी दुर्गा के नौ विभिन्न रूपों में बेहद कठोर भी माना जाता है. भक्त माँ कालरात्रि को माँ काली, महाकाली, भद्रकाली या भैरवी के रूप में भी पूजते हैं.
कालरात्रि पूजा एवं लाभ Navratri 2023 Day 7 Maa Kaalratri Puja
नवरात्रि के सप्तम दिवस पर मां कालरात्रि की पूजा भक्ति भाव एवं शुद्ध चित्त मन से की जाती है. भक्ति एवं श्रद्धा के साथद देवी पूजन करने से कष्ट दूर होते हैं. मां कालरात्रि मां दुर्गा का सबसे उग्र रूप माना गया है यह काली की भांति ही है जो अपने भक्तों को नकारात्मक शक्तियों से बचाती हैं. देवी कालरात्रि का पूजन करने से सिद्धियाँ भी प्राप्त होती हैं. इस दिन की पूजा द्वारा किसी भी प्रकार के नजर दोष की भी समाप्ति होती है. शक्ति एवं साहस की प्राप्ति का समय होता है. माँ कालरात्रि पूजन के दौरान देवी का नाम स्मरण करते हैं.
देवी कालरात्रि को गहरे नीले या काले रंग के पुष्प एवं वस्त्र अर्पित किए जाते माता को मोतियों का हार पहनाना बहुत शुभ होता है. ऎसा करने से भक्त के जीवन में समृद्धि का प्रवाह बना रहता है. कालरात्रि पूजन को अंधकार से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है. इस दिन भक्त एवं उपासक के मन से अज्ञान और अंधकार समाप्त होता है.
माँ कालरात्रि मंत्र
नवरात्रि की सातवीं शक्ति देवी कालरात्रि की पूजा में इन मंत्रों का जाप अवश्य करना चाहिए. देवी के मंत्र जाप की 11 या 108 माला करने से भक्त के ऊपर से हर बाधा दूर हो जाती है.
"ॐ कालरात्र्यै नम:." " एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता, लम्बोष्टी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी.वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा, वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥" एस्ट्रोलॉजर राजरानी