
पंडित नरेश कुमार शिवा, ज्योतिषाचार्य
दिवाली (Diwali) का पर्व आने वाला है। इस पर्व पर तीन दिन का सरकारी अवकाश होता है। दिवाली (Diwali) की रात आतिशबाजी और पूजन आदि होने के कारण अगले दिन बाजार में भी रौनक कम ही रहती है, लेकिन क्या आपको पता है कि सरकारी और गैर सरकारी कर्मचारियों को दिवाली से अगले दिन ही आफिस जाना होगा। क्योंकि दिवाली (Diwali) से अगले दिन मनाया जाने वाला गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पर्व (Govardhan Puja) नहीं है, क्योंकि संयोग ही कुछ ऐसा बन रहा है।
यह पढ़कर आप आश्चर्य में पड़ गए होंगे, लेकिन यह सत्य है। और हां, हम बात कर रहे हैं, वर्ष 2022 में पड़ने वाली दिवाली और अन्य पर्व की। हिंदू धर्म ग्रंथों में सभी पर्वों को मनाने के लिए शुभ योग दिए गए हैं। शास्त्रीय निर्देश हैं कि जहां तक हो सके, सभी शुभ ग्रहण करें। वर्ष 2022 की स्थिति देखिए, कैसे संयोग और परिस्थितियां बन रही हैं। पंचांग के अनुसार कार्तिक मास में वैसे तो इस मास के आरंभ होते ही पर्व शुरु हो जाते हैं, जिनमें करवा चौथ, अहोई अष्टमी, धनतेरस और नरक चतुर्दशी समेत दीपावली व भैया दूज आदि है।
वर्ष 2022 में 25 अक्टूबर को सूर्य ग्रहण भी लग रहा है और इसी दिन दिवाली पर्व भी आ रहा है। दिवाली का पर्व अमावस्या को मनाया जाता है। शास्त्रीय नियम है कि अमावस्या प्रदोषकाल व्यापनी हो। (सूर्यास्त से सूर्योदय तक रात्रि 1/5 भाग, प्रथम भाग प्रदोषकाल कहलाता है)। वर्ष 2022 में 25 अक्टूबर को मंगलकारी अमावस्या है, जो सायं 16 बजकर 18 मिनट तक रहेगी और इसी दिन दिल्ली के आसपास सूर्यास्त 17 बजकर 28 मिनट पर होगा। जाहिर है कि यह अमावस्या प्रदोषकाल को स्पर्श नहीं कर रही है। साथ ही इसी दिन सूर्य ग्रहण दोपहर 14.28 बजे से होगा, जो शाम 18 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगा। इससे एक दिन पूर्व यानि 24 अक्टूबर 2022 को चतुर्दशी 17 बज कर 27 मिनट तक रहेगी, इसके पश्चात अमावस्या प्रारंभ हो जाएगी। इसलिए शास्त्र सम्मत वर्ष 2022 में 24 अक्टूबर को ही प्रदोषकाल में मनायी जाना शुभ रहेगा।
अब बात करते हैं अन्नकूट यानी गोवर्धन पूजा की। यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रथमा तिथि को मनाया जाता है। पशु पालक इस दिन प्रदोष काल में ही अपने पशुओं एवं गोवर्धन पूजा करते हैं। 26 अक्टूबर 2022 को प्रथमा तिथि दोपहर 14 बजकर 42 मिनट तक है। इसलिए यह दिन शास्त्र सम्मत नहीं है। एक दिन पूर्व 25 अक्टूबर 2022 को प्रथमा तिथि शाम 16 बजकर 45 मिनट से शुरु हो रही है। इस समय सूर्य ग्रहण होगा, इसलिए इस दिन भी गोवर्धन पूजा नहीं हो सकती है, क्योंकि ग्रहण काल को सूतक काल भी माना जाता है और सूतक काल में कोई भी शुभ कार्य और पूजा पाठ नहीं होता है। भैया दूज पर्व अपराह्न काल में मनाया जाएगा, जो 26 अक्टूबर 2022 को दोपहर 14 बजकर 42 मिनट से प्रारंभ होगा और 15 बजकर 24 मिनट तक होगा।
अब आप समझ गए होंगे कि वर्ष 2022 में आपको दिवाली से अगले दिन आफिस जाना पड़ेगा और कार्य करना पड़ेगा। आपको बता दें कि भारतीय पंचांग और चंद्र दर्शन के अनुसार मनाए जाने वाले पर्व की तिथि को देखकर ही अवकाश का निर्धारण होता है। यह भी हो सकता है कि वर्ष 2022 में दिवाली से अगले दिन अवकाश घोषित हो, लेकिन अन्नकूट पर्व मनाया जाना शास्त्र सम्मत नहीं होगा।