पीलीभीत में 30 अक्टूबर को आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी। प्रशासन ने लोगों और किसानों से सतर्क रहने और फसल सुरक्षित रखने की अपील की। पढ़े पूरी खबर।

UP News:पीलीभीत में आगामी दिनों में मौसम बदलने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों और किसानों को सतर्क रहने की अपील की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 28 से 30 अक्टूबर के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की आशंका है। 29 और 30 अक्टूबर को तेज झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) प्रसून द्विवेदी ने बताया कि प्रादेशिक मौसम केंद्र लखनऊ और भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से 27 अक्टूबर को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 29 और 30 अक्टूबर को हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। वहीं, झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। UP News
30 अक्टूबर सुबह 8:30 बजे से 31 अक्टूबर सुबह 8:30 बजे तक पीलीभीत को विशेष अलर्ट वाले जिलों में शामिल किया गया है। इस दौरान गरज-चमक, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और मौसम विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। UP News
यह भी पढ़े: उत्तर प्रदेश की बेटी अरुषि गोयल का क्रिकेट में धमाका, रेलवे को दिलाई लगातार दूसरी जीत
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि आंधी-तूफान और गरज-चमक के दौरान पक्के मकान या सुरक्षित भवन के अंदर रहें। खिड़की-दरवाजे बंद रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें। पेड़ों, बिजली और टेलीफोन के खंभों, होर्डिंग और कमजोर दीवारों के पास खड़े न हों। खुले मैदान, जलस्रोतों और ऊंचे स्थानों से दूर रहें। बिजली के उपकरणों को अनप्लग कर दें और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। UP News
मौसम की चेतावनी को देखते हुए किसानों से पकी हुई धान की फसल की कटाई जल्द से जल्द करने की अपील की गई है। कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने और खेतों में गिरी फसल के बंडल बांधने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने कृषि मंडियों और खलिहानों में खुले में रखे अनाज को बारिश से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखने को कहा है। साथ ही पशुओं को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखने की अपील की गई है। UP News
प्रशासन ने लोगों और किसानों को मौसम से जुड़े अपडेट पाने के लिए मौसम सचेत और दामिनी ऐप का उपयोग करने की सलाह दी है। मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और जरूरी सावधानियां बरतने से संभावित नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। UP News
विज्ञापन