Rakhi Muhurat Time 2023 Date: राखी के दिन रहेगी भद्रा, लेकिन इस समय भद्रा में भी बांध सकते हैं राखी
Rakhi Muhurat Time 2023 Date
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:14 AM
Rakhi Muhurat Time 2023 Date: सावन माह की पूर्णिमा के दिन राखी का पर्व मनाया जाता है. भाई-बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन जल्द ही अने वाला है लेकिन इस बार राखी को बांधने को लेकर कुछ असमंजस की स्थिति भी देखने को मिल रही है. ऎसा इस कारण हो रहा है क्योंकि रक्षाबंधन पर इस बार भद्रा का साया रहने वाला है. राखी पर भद्रा सुबह से रात तक रहने वाली है इस कारण राखी कब बांधी जाए इसे लेकर काफी बातें मन में परेशानी और संदेह को पैदा कर रही हैं. भद्रा को लेकर यह त्योहार किस दिन मनाया जाएगा, इसे लेकर काफी भ्रम की स्थिति बनी हुई है.
Raksha bandhan 2023 Muhurat
शुभ मुहूर्त में राखी बांधने से जो शुभता प्राप्त होती है वह भद्रा के प्रभाव से कुछ कमजोर बन रही है. इस स्थिति में शास्त्रों के मतों का उल्लेख कई रुपों में हमें प्राप्त होता है जब भद्रा समय को भी कुछ विशेष स्थिति में अपना लेने की बात कही जाती है. आईये जानने का प्रयास करते हैं की आखिर भद्रा का मुहूर्त पर क्या असर पड़ता है और भद्रा समय को कब हम अपना सकते हैं.
रक्षाबंधन कब मनाएं raksha bandhan kab hai
Rakhi Muhurat Time 2023 Date
रक्षाबंधन पर शुभ मुहूर्त में ही राखी बांधनी चाहिए, नहीं तो बुरे परिणाम मिलते हैं यह बातें सुन-सुन कर हम काफी परेशान होते जाते हैं. किंतु आवश्यकता है की इन बातों से भयभीत न हुआ जाए अपितु उचित स्थिति को समझ कर तर्क के साथ आगे बढ़ा जाए.
रक्षा बंधन भद्रा मुक्त समय मुहूर्त raksha bandhan 2023 muhurat time
Rakhi Muhurat Time 2023 Date30 अगस्त को पूर्णिमा तिथि सुबह 10:59 बजे से शुरू हो जाएगी तथा 31 अगस्त को सुबह 07:06 बजे यह समाप्त होगी. इस बार पूर्णिमा के आरंभ होते ही भद्रा काल भी आरंभ हो जाएगा. भद्रा भी 30 अगस्त को 10:59 से आरंभ होगी और रात्रि 21:09 पर इसका समापन होगा. प्रदोष काल भी भद्रा से प्रभावित रहने वाला है ऎसे में 21:09 के बाद ही राखी बांधने के मुहूर्त का समय प्राप्त होगा.
वहीं कुछ स्थानों पर लोग 31 अगस्त के दिन राखी का पर्व मनाने वाले हैं क्योंकि पूर्णिमा तिथि इस दिन भी होगी किंतु पूर्णिमा बेहद कम समय के होने के कारण इस दिन को शास्त्र अनुसार अधिक ग्राह्य नहीं माना गया है किंतु स्थान एवं परंपरा अनुसार इस दिन पर भी लोग राखी का पर्व मना सकते हैं. इसी के साथ चौघडिया मुहूर्त अनुसार भी राखी का पर्व मना सकते हैं.
रक्षाबंधन समय भद्रा में कब बांध सकते हैं राखी importance of bhadra
कई बार कुछ ऎसे कार्य भी करने होते हैं जब पूर्ण रुप से मुहूर्त का मिल पाना संभव नहीं होता है उस समय यदि भद्रा व्याप्त हो तो कुछ विशेष स्थिति में भद्रा की अन्य अवस्था को अपना लेने की बात भी शास्त्रों में मिलती है. उदाहरण हेतु "मुहूर्त प्रकाश" के अनुसार "कार्येत्वावश्यक विष्टे: मुखमात्रं परित्यजेत्।।"का थन मिलता है ऎसे में भद्रा मुख का त्याद करते हुए भद्रा पुच्छ समय कार्य करने की बात प्राप्त होती है.
raksha bandhan par bhadra kab hai इस वर्ष भद्रा मुख का समय 18:32 से 20:13 तक होगा और भद्रा पुच्छ का समय 17:32 से 18:32 तक प्राप्त होगा. इसलिए भद्रा पुच्छकाल में रक्षाबंधन का कार्य संपन्न किया जा सकता है. शास्त्रों में कई तरह के मत हमें प्राप्त होते हैं और उसी अनुसार कार्यों को करना उचित है. किंतु कुछ मामलों में परिहार हेतु बातें भी उपलब्ध होती हैं ऎसी स्थिति में दिये गए विचार भी हमारे लिए सहायक होते हैं.
एस्ट्रोलॉजर राजरानी