पहला चंद्रग्रहण 2026: 3 मार्च को इन मूलांकों के लिए बन रहे हैं बड़े योग

3 मार्च 2026 का न्यूमरोलॉजी राशिफल जानें। पहले चंद्रग्रहण का सभी मूलांक पर क्या प्रभाव पड़ेगा, किसके लिए सकारात्मक और किसके लिए नकारात्मक रहेगा

Aaj Ka Numorology 3 मार्च 2026
Aaj Ka Numorology 3 मार्च 2026
locationभारत
userसुप्रिया श्रीवास्तव
calendar03 Mar 2026 06:44 AM
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3 मार्च 2026 का न्यूमरोलॉजी 

3 मार्च 2026 का दिन न्यूमरोलॉजी के अनुसार बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन वर्ष का पहला चंद्रग्रहण लग रहा है। अंक ज्योतिष में 3 मार्च 2026 की कुल संख्याओं का योग 3+3+2+0+2+6 = 16 और 1+6 = 7 होता है। यानी इस दिन का मूलांक 3 और भाग्यांक 7 बनता है। मूलांक 3 गुरु का अंक है जो ज्ञान, विस्तार और सकारात्मक सोच का प्रतीक है, जबकि भाग्यांक 7 केतु और आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है। चंद्रग्रहण का सीधा संबंध मन और भावनाओं से होता है, इसलिए इस दिन मानसिक स्थिति, निर्णय क्षमता और रिश्तों पर विशेष प्रभाव देखने को मिलेगा। कुछ मूलांक के लिए यह ग्रहण नई शुरुआत का संकेत देगा, तो कुछ के लिए सावधानी और आत्मचिंतन का समय रहेगा।

मूलांक 1


मूलांक 1 वालों के लिए 3 मार्च 2026 का चंद्रग्रहण मिश्रित प्रभाव लेकर आ सकता है। सूर्य के अंक होने के कारण आप स्वाभाविक रूप से आत्मविश्वासी और नेतृत्व क्षमता वाले होते हैं, लेकिन चंद्रग्रहण के कारण मन में अस्थिरता या अचानक भावनात्मक उतार-चढ़ाव महसूस हो सकता है। कार्यक्षेत्र में पुराने अधूरे काम सामने आ सकते हैं। हालांकि यह समय आत्मविश्लेषण के लिए अच्छा है। यदि आप धैर्य बनाए रखें तो ग्रहण के बाद परिस्थितियां आपके पक्ष में बदल सकती हैं। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचें। पारिवारिक जीवन में संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी रहेगा। कुल मिलाकर यह ग्रहण आपके लिए चेतावनी और सुधार का अवसर दोनों लेकर आएगा।

मूलांक 2


मूलांक 2 का संबंध सीधे चंद्रमा से होता है, इसलिए इस चंद्रग्रहण का सबसे गहरा प्रभाव इसी मूलांक पर पड़ेगा। भावनात्मक रूप से आप अधिक संवेदनशील महसूस कर सकते हैं। मन में उलझन, बेचैनी या पुराने रिश्तों की यादें उभर सकती हैं। यह समय बड़े फैसले लेने के लिए अनुकूल नहीं है। ध्यान और प्रार्थना से मानसिक शांति मिलेगी। हालांकि सकारात्मक पक्ष यह है कि आपकी अंतर्ज्ञान शक्ति बहुत मजबूत रहेगी। यदि आप अपने मन की आवाज सुनेंगे तो नुकसान से बच सकते हैं। ग्रहण के बाद रिश्तों में स्पष्टता आएगी और कुछ लोगों के जीवन में नई शुरुआत भी संभव है।

मूलांक 3


मूलांक 3 इस दिन का प्रमुख अंक है, इसलिए आपके लिए यह चंद्रग्रहण अपेक्षाकृत सकारात्मक परिणाम दे सकता है। गुरु की कृपा से ज्ञान और समझ बढ़ेगी। यदि आप शिक्षा, लेखन, सलाह या प्रबंधन से जुड़े हैं तो नई योजनाएं बन सकती हैं। हालांकि चंद्रग्रहण के कारण मन थोड़ा विचलित हो सकता है, लेकिन यह अस्थायी रहेगा। आर्थिक रूप से स्थिति स्थिर रहने की संभावना है। परिवार में कोई महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। यह समय आध्यात्मिक उन्नति और आत्मचिंतन के लिए बेहद लाभकारी रहेगा। कुल मिलाकर मूलांक 3 वालों के लिए यह ग्रहण सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रहा है।मूलांक 4


मूलांक 4 वालों के लिए यह चंद्रग्रहण थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। राहु का प्रभाव होने के कारण अचानक परिवर्तन या अप्रत्याशित घटनाएं सामने आ सकती हैं। कार्यस्थल पर भ्रम या गलतफहमी की स्थिति बन सकती है। इस समय संयम और सतर्कता जरूरी है। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचें। हालांकि यह ग्रहण आपको जीवन के छिपे हुए पहलुओं को समझने का अवसर देगा। यदि आप धैर्य से काम लेंगे तो नकारात्मक प्रभाव कम हो जाएगा। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें और मानसिक तनाव को नियंत्रित रखने की कोशिश करें।

मूलांक 5


मूलांक 5 वालों के लिए 3 मार्च 2026 का चंद्रग्रहण सामान्य से बेहतर परिणाम दे सकता है। बुध का प्रभाव आपकी बुद्धिमत्ता और संचार कौशल को मजबूत करेगा। हालांकि ग्रहण के समय मन में थोड़ी बेचैनी या निर्णय में भ्रम हो सकता है। यात्रा या नए प्रोजेक्ट की योजना बनाते समय सावधानी रखें। सकारात्मक बात यह है कि अचानक कोई लाभकारी सूचना मिल सकती है। रिश्तों में पारदर्शिता बनाए रखें। यह समय अपने कौशल को निखारने और भविष्य की रणनीति बनाने के लिए अनुकूल रहेगा।

मूलांक 6


मूलांक 6 वालों के लिए यह चंद्रग्रहण भावनात्मक जीवन पर अधिक प्रभाव डालेगा। शुक्र का अंक होने के कारण प्रेम और संबंध आपके लिए महत्वपूर्ण रहते हैं। ग्रहण के समय रिश्तों में गलतफहमी या दूरी की स्थिति बन सकती है। इसलिए संवाद और धैर्य बहुत जरूरी है। आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन खर्च बढ़ सकता है। सकारात्मक पक्ष यह है कि कला, संगीत या रचनात्मक कार्यों में सफलता मिल सकती है। यदि आप संतुलन बनाए रखेंगे तो ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव कम होगा और धीरे-धीरे परिस्थितियां अनुकूल बनेंगी।

मूलांक 7


मूलांक 7 के लिए यह चंद्रग्रहण अत्यंत महत्वपूर्ण और आध्यात्मिक रूप से प्रभावशाली रहेगा। भाग्यांक भी 7 होने से इसका प्रभाव दोगुना हो सकता है। यह समय आत्मविश्लेषण, ध्यान और आंतरिक शक्ति को पहचानने का है। कुछ लोगों को अचानक जीवन में दिशा परिवर्तन का अनुभव हो सकता है। मानसिक रूप से गहराई बढ़ेगी और रहस्यमय विषयों में रुचि बढ़ेगी। हालांकि अकेलापन महसूस हो सकता है, लेकिन यही समय आत्मविकास का है। कुल मिलाकर यह ग्रहण आपके लिए सकारात्मक आध्यात्मिक परिवर्तन लेकर आ सकता है।

मूलांक 8


मूलांक 8 वालों के लिए चंद्रग्रहण का प्रभाव थोड़ा भारी रह सकता है। शनि का अंक होने के कारण कर्मों का परिणाम सामने आ सकता है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी और मानसिक दबाव महसूस हो सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें और किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें। हालांकि यदि आप अनुशासन और धैर्य बनाए रखेंगे तो नुकसान से बच सकते हैं। यह समय पुराने विवाद सुलझाने और भविष्य की मजबूत नींव रखने का है। सकारात्मक सोच से नकारात्मक प्रभाव कम किया जा सकता है।

मूलांक 9


मूलांक 9 वालों के लिए 3 मार्च 2026 का चंद्रग्रहण ऊर्जा में उतार-चढ़ाव ला सकता है। मंगल का प्रभाव आपको साहसी बनाता है, लेकिन ग्रहण के कारण क्रोध या आवेश बढ़ सकता है। इस दिन किसी भी विवाद से दूर रहना बेहतर रहेगा। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। सकारात्मक पक्ष यह है कि यदि आप अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाते हैं तो बड़े लक्ष्य की ओर कदम बढ़ा सकते हैं। आध्यात्मिक कार्यों में मन लगाने से मानसिक शांति मिलेगी। कुल मिलाकर यह ग्रहण सावधानी और संयम का संदेश दे रहा है।


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राशिफल 3 मार्च 2026: साल का पहला चंद्रग्रहण बदलेगा इन राशियों की तकदीर, इन्हें रहना होगा सावधान!

3 मार्च 2026 के पहले चंद्रग्रहण का किन राशियों पर सकारात्मक और किन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा? जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

3 मार्च 2026 राशिफल
3 मार्च 2026 राशिफल
locationभारत
userसुप्रिया श्रीवास्तव
calendar03 Mar 2026 06:45 AM
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3 मार्च 2026 चंद्रग्रहण राशिफल 

3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्रग्रहण लग रहा है। ज्योतिष के अनुसार चंद्रग्रहण का सीधा संबंध मन, भावनाओं, पारिवारिक जीवन और निर्णय लेने की क्षमता से होता है। कुछ राशियों के लिए यह ग्रहण सकारात्मक बदलाव और नए अवसर लेकर आएगा, वहीं कुछ राशियों को मानसिक तनाव और उलझनों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं 3 मार्च 2026 के चंद्रग्रहण का सभी 12 राशियों पर सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव।

मेष राशि


मेष राशि के जातकों पर इस चंद्रग्रहण का प्रभाव थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। आपके मन में अचानक बेचैनी और अस्थिरता बढ़ सकती है। छोटे मुद्दों पर अधिक सोचने की आदत आपको परेशान कर सकती है। कार्यक्षेत्र में किसी से मतभेद हो सकता है, इसलिए शब्दों का चुनाव सोच-समझकर करें। हालांकि सकारात्मक बात यह है कि यह ग्रहण आपको आत्ममंथन का अवसर देगा। यदि आप धैर्य रखें और जल्दबाजी से बचें, तो भविष्य के लिए मजबूत निर्णय ले पाएंगे। आर्थिक मामलों में सतर्क रहें और किसी भी बड़े निवेश को टाल दें।

वृषभ राशि 


वृषभ राशि के लिए यह चंद्रग्रहण कई मायनों में शुभ संकेत दे रहा है। लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं। मानसिक रूप से आप पहले से ज्यादा स्पष्टता महसूस करेंगे। नौकरी और व्यापार में नई दिशा मिल सकती है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और संबंध मजबूत होंगे। हालांकि ग्रहण के समय थोड़ी भावनात्मक संवेदनशीलता रह सकती है, लेकिन कुल मिलाकर यह समय आपके लिए विकास और स्थिरता लेकर आएगा। धन संबंधित मामलों में भी धीरे-धीरे सुधार दिखाई देगा।

मिथुन राशि


मिथुन राशि वालों के लिए यह चंद्रग्रहण थोड़ा नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। मन में उलझन और असमंजस बढ़ सकता है। किसी पुराने मुद्दे को लेकर चिंता बढ़ सकती है। कार्यक्षेत्र में फोकस बनाए रखना जरूरी होगा, क्योंकि छोटी गलती भी परेशानी दे सकती है। रिश्तों में गलतफहमी से बचें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। हालांकि यह समय आपको अपनी कमजोरियों को पहचानने और सुधार करने का मौका देगा। ध्यान और योग आपके लिए विशेष रूप से लाभकारी रहेंगे।

कर्क राशि


कर्क राशि पर चंद्रग्रहण का प्रभाव सबसे ज्यादा देखा जा सकता है क्योंकि चंद्रमा आपकी राशि का स्वामी है। इस दिन भावनात्मक उतार-चढ़ाव अधिक रह सकता है। छोटी-छोटी बातें मन को गहराई से प्रभावित कर सकती हैं। परिवार से जुड़ी कोई चिंता परेशान कर सकती है। लेकिन सकारात्मक पक्ष यह है कि यह समय आपको आध्यात्मिक रूप से मजबूत बना सकता है। यदि आप ध्यान और प्रार्थना का सहारा लें, तो मानसिक शांति मिल सकती है। महत्वपूर्ण निर्णय कुछ दिनों के लिए टालना बेहतर रहेगा।

सिंह राशि


सिंह राशि के लिए यह चंद्रग्रहण सकारात्मक परिवर्तन लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके कामों में गति आएगी। आत्मविश्वास बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र में सराहना मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि ग्रहण के दौरान भावनात्मक संतुलन बनाए रखना जरूरी है। परिवार में सहयोग मिलेगा और जीवनसाथी के साथ संबंध बेहतर होंगे। यह समय नई योजनाएं बनाने और भविष्य की तैयारी के लिए अच्छा साबित हो सकता है।

कन्या राशि


कन्या राशि के लोगों को इस चंद्रग्रहण के दौरान थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता है। मन में असुरक्षा या चिंता बढ़ सकती है। कार्यक्षेत्र में काम का दबाव बढ़ सकता है, जिससे तनाव हो सकता है। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचें। हालांकि यह समय आपको अनुशासन और धैर्य सिखाएगा। यदि आप अपनी दिनचर्या को संतुलित रखें और सकारात्मक सोच बनाए रखें, तो नकारात्मक प्रभाव कम हो सकता है। सेहत का विशेष ध्यान रखें।

तुला राशि


तुला राशि के लिए यह चंद्रग्रहण सकारात्मक परिणाम दे सकता है, खासकर रिश्तों के मामले में। पुराने मतभेद सुलझ सकते हैं। जीवनसाथी और परिवार का सहयोग मिलेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिरता रहेगी। हालांकि भावनात्मक रूप से संवेदनशीलता बढ़ सकती है, लेकिन कुल मिलाकर यह समय संतुलन और सामंजस्य का रहेगा। आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है।

वृश्चिक राशि


वृश्चिक राशि पर यह चंद्रग्रहण गहरा प्रभाव डाल सकता है। कोई छुपी हुई बात सामने आ सकती है। इससे शुरुआत में तनाव हो सकता है, लेकिन अंत में सच्चाई आपके पक्ष में जाएगी। कार्यक्षेत्र में मेहनत का फल मिलेगा। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी है। रिश्तों में ईमानदारी बनाए रखें। यह समय आत्मचिंतन और खुद को समझने का है। यदि आप धैर्य रखें, तो सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

धनु राशि


धनु राशि के लिए यह चंद्रग्रहण प्रेरणादायक साबित हो सकता है। आप अपने लक्ष्यों को लेकर गंभीर होंगे। कार्यक्षेत्र में नई दिशा मिलेगी। आर्थिक मामलों में धीरे-धीरे सुधार होगा। परिवार का सहयोग मिलेगा। हालांकि मानसिक रूप से थोड़ी बेचैनी रह सकती है, लेकिन सकारात्मक सोच से आप हर स्थिति को संभाल लेंगे। यह समय भविष्य की योजना बनाने के लिए अनुकूल है।

मकर राशि 


मकर राशि के जातकों के लिए यह चंद्रग्रहण शुरुआत में थोड़ा दबाव ला सकता है। काम की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। मानसिक तनाव महसूस हो सकता है। लेकिन सकारात्मक पक्ष यह है कि आपकी मेहनत रंग लाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे मजबूत होगी। धैर्य और अनुशासन बनाए रखना जरूरी है। अंत में यह समय आपके लिए प्रगति का रास्ता खोलेगा।

कुंभ राशि


कुंभ राशि के लिए यह चंद्रग्रहण सकारात्मक परिवर्तन का संकेत दे रहा है। नई सोच और नए अवसर मिल सकते हैं। नौकरी या व्यापार में प्रगति होगी। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। आर्थिक मामलों में स्थिरता बनी रहेगी। हालांकि ग्रहण के दौरान भावनात्मक संतुलन बनाए रखना जरूरी है। यह समय आत्मविकास और नई शुरुआत के लिए अनुकूल है।

मीन राशि


मीन राशि के लिए यह चंद्रग्रहण भावनात्मक रूप से संवेदनशील बना सकता है। मन में गहरी सोच और आत्मचिंतन बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में सामान्य प्रगति होगी। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें। परिवार में किसी सदस्य की चिंता हो सकती है, लेकिन समाधान भी मिलेगा। सकारात्मक बात यह है कि यह समय आपको आध्यात्मिक रूप से मजबूत बना सकता है। ध्यान और प्रार्थना से मन को शांति मिलेगी।

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आज या कल कब है होलिका दहन? जानें 1 घंटा 12 मिनट का सबसे पावरफुल मुहूर्त!

Holi 2026 में होलिका दहन कब है? जानें 2 मार्च की रात 12:50 से 2:02 तक का 1 घंटा 12 मिनट का शुभ मुहूर्त, भद्रा काल का समय, 3 मार्च चंद्र ग्रहण और सूतक से जुड़ी पूरी जानकारी ।

होलिका दहन 2026
होलिका दहन 2026
locationभारत
userसुप्रिया श्रीवास्तव
calendar02 Mar 2026 12:14 PM
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होली 2026 इस बार बेहद खास संयोग लेकर आई है। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि होलिका दहन आज किया जाए या कल। पंचांग आधारित गणनाओं के अनुसार 2 मार्च 2026, सोमवार की मध्यरात्रि में होलिका दहन किया जाएगा। भद्रा काल के कारण पूरे समय दहन संभव नहीं है, इसलिए केवल 1 घंटा 12 मिनट का विशेष शुभ मुहूर्त सबसे उपयुक्त माना गया है। इसके ठीक अगले दिन 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लग रहा है, जिस वजह से सूतक और पूजा नियमों को लेकर भी उत्सुकता बढ़ गई है। रंगों वाली होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।

होलिका दहन 2026 की सही तारीख और शुभ मुहूर्त

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा तिथि में और भद्रा समाप्त होने के बाद किया जाता है। इस वर्ष भद्रा का समय लंबा है और पूरी रात प्रभाव में रहेगा। ऐसे में दहन का शुभ समय भद्रा के पुच्छ काल में पड़ रहा है, जिसे शास्त्रों में मान्य माना गया है।

पंचांग के अनुसार 2 मार्च 2026 की रात 12 बजकर 50 मिनट से 2 बजकर 02 मिनट तक का समय होलिका दहन के लिए सबसे शुभ है। यही 1 घंटा 12 मिनट का समय धार्मिक दृष्टि से उपयुक्त बताया गया है। इसलिए इसी दौरान होलिका की पूजा कर अग्नि प्रज्वलित करना उचित रहेगा।

भद्रा काल क्यों देखा जाता है

भद्रा को शुभ कार्यों के लिए सामान्यतः वर्जित माना जाता है। मान्यता है कि भद्रा में किए गए कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं। हालांकि भद्रा का एक भाग पुच्छ कहलाता है, जिसे शुभ माना जाता है। इस साल होलिका दहन का मुहूर्त भद्रा के इसी शुभ हिस्से में आ रहा है। इसलिए पूरे समय दहन नहीं किया जा सकता, बल्कि निर्धारित मुहूर्त में ही करना चाहिए।

होलिका दहन और 3 मार्च का चंद्र ग्रहण

इस वर्ष होलिका दहन के अगले दिन 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लग रहा है। ज्योतिषीय मत के अनुसार दहन का मुहूर्त ग्रहण से पहले पूरा हो जाएगा, इसलिए किसी प्रकार की धार्मिक बाधा नहीं मानी जा रही। ग्रहण के कारण 3 मार्च को सूतक काल रहेगा और उस दिन रंग खेलने से परहेज किया जाएगा। रंगों वाली होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।

होलिका दहन की पूजा विधि और परंपरा

होलिका दहन से पहले दहन स्थल को साफ किया जाता है और लकड़ियों से होलिका तैयार की जाती है। पूजा के समय रोली, चावल, हल्दी, गुड़, नारियल और फूल अर्पित किए जाते हैं। महिलाएं परिवार की सुख-शांति के लिए परिक्रमा करती हैं और कच्चा सूत लपेटती हैं। शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित की जाती है और भगवान विष्णु का स्मरण कर परिवार की सुरक्षा और समृद्धि की प्रार्थना की जाती है।

कई स्थानों पर गेहूं या जौ की बालियां भी अग्नि में सेंकी जाती हैं, जिसे नई फसल और शुभ संकेत से जोड़ा जाता है। होलिका की राख को भी शुभ माना जाता है और लोग इसे घर के दरवाजे पर लगाते हैं या खेतों में डालते हैं।

अलग अलग राज्यों में होलिका दहन की परंपरा

ब्रज क्षेत्र, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में होलिका दहन के समय फाग और लोकगीत गाने की परंपरा है। ढोलक और मंजीरे के साथ वातावरण उत्सवमय हो जाता है। राजस्थान में सामूहिक आयोजन होते हैं, जबकि कई जगह परिवार घर के बाहर या सोसायटी परिसर में भी दहन करते हैं। इस अवसर पर बड़े बुजुर्ग बच्चों को प्रह्लाद की कथा सुनाते हैं, जो भक्ति की जीत और अहंकार के अंत का संदेश देती है।

समय का विशेष ध्यान क्यों जरूरी है

इस वर्ष भद्रा काल और चंद्र ग्रहण के संयोग के कारण समय का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। पंचांग के अनुसार 2 मार्च की मध्यरात्रि 12 बजकर 50 मिनट से 2 बजकर 02 मिनट तक का समय ही होलिका दहन के लिए सुरक्षित और मान्य है। इसलिए भ्रम में न रहें और तय मुहूर्त में ही दहन करें।


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