SC/ST Mandir Ban: धार मे दलित वर्ग को मंदिर मे प्रवेश करने पर लगाई रोक पर मचा बवाल
नर्मदेश्वर महादेव मंदिर
भारत
चेतना मंच
21 Jul 2023 04:22 PM
बबीता आर्य, 21 जुलाई 2023, मध्य प्रदेशMP News - SC/ST Mandir Ban:मध्य प्रदेश के धार जिले मे महादेव के मंदिर में दलित के प्रवेश पर रोक लगाने का मामला सामने आया है । यह घटना मध्य प्रदेश के धार जिले में एक मंदिर के बाहर बैनर लगाकर दलितों के प्रवेश पर रोकने की है। रोक लगाने के मामले ने हंगामे का रूप ले लिया है। दलित समाज के हंगामे के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौक पर पहुंचे और मंदिर से बैनर को हटवाया। मामले में पुलिस ने एससी-एसटी कानून के तहत केस दर्ज किया है।
SC/ST Mandir Ban
कहा है मंदिर?
यह मामला धार जिले के कुक्षी विकासखंड के लोहारी ग्राम का है। यहां श्री नर्मदेश्वर महादेव मंदिर है, जहां मंदिर के बाहर एक बैनर लगा नजर आया। जिसमें साफ लिखा था - निवेदन है कि हरिजनों का मंदिर में आना सख्त मना है। मंदिर के बाहर एक समाज विशेष के प्रवेश पर रोक लगाए जाने का बैनर लगा होने की बात सामने आने पर बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए।
[caption id="attachment_102940" align="aligncenter" width="700"]SC/ST Entry Ban Banner[/caption]
देखिये कौन है विरोध में?
ग्रामीणों ने जयस के पदाधिकारियों के साथ चक्काजाम किया, जिससे मनावर-कुक्षी मार्ग पर वाहनों की लाइन लग गई। विरोध कर रहे लोगों की मांग पर प्रशासन ने मंदिर से फ्लैक्स हटवा दिया है। इसके अलावा क्षेत्रीय विधायक हीरालाल अलावा भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने किसी तरह समझा बुझा कर रात साढ़े बारह बजे जाम खुलवाया । एसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि फ्लैक्स लगाने वाले प्रहलाद विश्वकर्मा नाम के आरोपी के खिलाफ मारपीट समेत एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
SC/ST Mandir Ban: जमीन मेरी तो मंदिर मेरा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार ने बताया कि प्रह्लाद विश्वकर्मा नाम के व्यक्ति ने अपनी जमीन पर एक मंदिर बनाया है, जिसका निर्माण 3 माह पहले ही हुआ है । गांव के लोग हर रोज यहा पूजा अर्चना करने आते है । तभी उसके पास एक बोर्ड लगा दिया जाता है । बोर्ड में लिखा है कि पूजा स्थल सार्वजनिक संपत्ति नहीं बल्कि उसकी निजी संपदा है। ऐसे में निवेदन है कि (समाज विशेष) का मंदिर में आना सख्त मना है।
[caption id="attachment_102946" align="aligncenter" width="700"]MP पुलिस के हाथ मे सब[/caption]
क्या सच मे ज़मीन प्रह्लाद विश्वकर्मा की है?
शिकायतकर्ता धनराज का कहना है कि हम खुद ही वहां नहीं जातें है । लेकिन इस तरह का बोर्ड लगाकर हमारी भावनाओं को ठेस पहुचाई है । जब इस बात का विरोध किया गया तो प्रह्लाद विश्वकर्मा ने गाली-गलौज किया और जान से मारने की धमकी भी दी । ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि प्रहलाद ने शासकीय जमीन पर कब्जा किया है जिसे निजी बता रहा है। लोगों ने मंदिर की जमीन की भी जांच करने की मांग की है।
SC/ST Mandir Ban: क्या करना चाहिए? हम बताए क्या?
यह सही है कि मामले की पूरी जांच कानून के दायरे मे रहकर ही करनी चाहिए। सबसे पहले तो यह पता लगाना ज़रूरी है की वो ज़मीन असल मे है किसकी? अगर वो ज़मीन प्रह्लाद विश्वकर्मा की नहीं है तोह सरकार को ज़मीन कब्ज़े मे ले लेनी चाहिए और मंदिर मे सबका प्रवेश जारी रखना चाहिए। अगर वो प्रह्लाद विश्वकर्मा की ही है तो बात-चीत कर के हरिजनो की एंट्री बैन का जो बैनर लगा हुआ है वो तुरंत हटवाना चाहिए । फिर अगर प्रह्लाद विश्वकर्मा दलित समाज से मांफी मांगता है और मंदिर मे किसी की एंट्री मे कोई रुकावट पैदा नहीं करता तो दलित समाज को उन्हे माफ़ कर देना चाहिए। अगर नहीं, तो फिर प्रह्लाद विश्वकर्मा पर कानूनी प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर उपयुक्त सज़ा होनी चाहिए । हमे नहीं लगता की निर्णय आने मे ज्यादा समय लगेगा। आपको क्या लगता है इस पूरे मामले के बारे मे? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स मे लिखें और हमसे बात करे।