
Shab-e-Barat: Important place of Shab-e-Barat in Islam, know why this festival is celebrated[/caption]
कब्रिस्तान और मस्जिदों में की जाती है सजावट
सुन्नी मुसलमानों मानते हैं कि इस पाक दिन अल्लाह ने नूह (ईसाई धर्म में नूह) के संदूक को बाढ़ से बचाया था। वहीं शिया मुसलमानों के 12वें इमाम मुहम्मद अल महदी की पैदाइश शाबान की 15 तारीख को मानते हैं। इस्लाम धर्म के अनुयायी के लिए ये त्यौहार बहुत अहम होता है।शब-ए बारात की रात ऐसी रात है जो सभी गुनाहों से गुनाहगार को माफी दिलाती है। इस पाक रात के दिन जो भी सच्चे दिल से अल्लाह की इबादत करता है, उसके सामने अपने गुनाहों से तौबा करता है परवरदिगार उसे माफी अता करता है। इसीलिए मस्जिदों और कब्रिस्तानों में इस दिन मुस्लिम लोग अपने पूर्वजों को याद करने के लिए पहुंचते हैं। घरों में मीठे पकवान बनते हैं और इन्हें दुआ करने, इबादत के बाद गरीबों में बांटा भी जाता है। इसके अलावा मस्जिदों और कब्रिस्तानों में की गई खास सजावट देखते ही बनती है। यही वजह है कि मुस्लिम समुदाय के लोग इसके लिए खास तैयारियां करते हैं।