शारदीय नवरात्रि : मां शैलपुत्री की पूजा से मिलती है निरोगी काया, कैसे करे पूजा और मंत्र जाप
Shardiya Navratri 2023
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 02:33 PM
Shardiya Navratri 2023 shubh muhurat शारदीय नवरात्रि की शुरुआत इस बार 15 अक्टूबर 2023 से हो रही है । नवरात्रि नवदुर्गा यानी मां दुर्गा के नौ रूपों की अराधना का पर्व है। नवरात्रि में भक्त पूजा, व्रत और जागरण कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। नवरात्रि के नौ दिन देवी दुर्गा के अलग-अलग रूप की पूजा या उपासना की जाती है । हर दिन अलग-अलग भोग प्रसाद मा दुर्गा को समर्पित किया जाता है ।
2023 me pahli navratri kab hai
देवी दुर्गा के ये नौ रूप उनकी अलग-अलग सिद्धियां और शक्ति को दर्शाते है जो राक्षसों का संहार करती हैं । देवी दुर्गा ये नौ रुप माता के दस महाविद्या वाले रुपों से अलग हैं।आज हम बात करेंगे माता के प्रथम स्वरुप की जिन्हे शैलपुत्री के नाम से जाना जाता है ।शैलपुत्री जिनके नाम से ही पता चलता है कि जीवन में सफलता के लिए सबसे पहले इरादों में चट्टान की तरह मजबूती और अडिगता होनी चाहिए।
कौन है मां शैलपुत्री:
ये ही नवदुर्गाओं में प्रथम देवी हैं। पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम 'शैलपुत्री' पड़ा। इनकी मां का नाम मैना देवी है । इनका विवाह भगवान शिव के साथ हुआ था। इनका वाहन वृषभ है, इसलिए यह देवी वृषारूढ़ा के नाम से भी जानी जाती हैं। उनके बाएँ हाथ में त्रिशूल और बाएँ हाथ में कमल का पुष्प होता है। नवरात्रि के नौ दिनों मे सर्वप्रथम इनकी ही पूजा की जाती है ।आज हम देवी के प्रथम स्वरुप की बात करेंगे और उनको कैसे प्रसन्न करे इसकी सारी चर्चा करेंगे।
pahli navratri kab hai
ऐसी मान्यता है कि जिसने भी सच्चे मन से मां दुर्गा की उपासना कर ली तो मां उसका बेड़ा पार लगा देती है और उसका जीवन सुखों से भर देती है ।
पहली नवरात्रि
कैसे करे मां की स्थापना:
सर्वप्रथम एक लकड़ी का पाटा या चौकी ले कर उसे गंगाजल से स्वच्छ कर लें उसके ऊपर एक लाल कपड़ा बिछा ले इसके ऊपर केशर से 'शं' लिखें और उसके ऊपर मनोकामना पूर्ति गुटिका रखें। इसके इपर देवी की फोटो या मूर्ति स्थापित करें । चौकी के पास उल्टा त्रिभुज बनाए उसमे बीच मे एक लाल बिंदू अवश्य रखे ये शक्ति का प्रतिक होता है । तत्पश्चात् हाथ में लाल पुष्प लेकर शैलपुत्री देवी का ध्यान करें मंत्र के उच्चारण के साथ देवी को पुष्प समर्पित कर दे। इसके बाद उस पर एक कलश स्थापित करे । कलश के ऊपर नारियल और पान के पत्ते रख कर एक स्वास्तिक बनाएं । इसके बाद कलश के पास अंखड ज्योति जला कर मंत्र ला जाप करे । मां शैलपुत्री को कुमकुम (पैरों में कुमकुम लगाने के लाभ) और अक्षत लगाएं। मां शैलपुत्री की आरती उतारें और भोग लगाएं।
Shardiya Navratri 2023 shubh muhurat
मंत्र इस प्रकार हैं:
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे ॐ शैलपुत्री देव्यै नम:।इस मंत्र का जाप 108 बार करना चाहिए । पहली नवरात्रि में मां शैलपुत्री की पूजा करने से होते है ये फायदे:
शस्त्रों के अनुसार मा शैलपुत्री की पूजा करने से कुंड़ली मे चन्द्रमा जनित दोषो से छुटकारा मिलता है । चंद्र के बुरे प्रभाव निष्क्रिय हो जातें है ।
मां को सफेद रंग बेहद प्रिय है इसलिये पूजा के समय इन्हे घी चढ़या जाता है । घी अर्पित करने से निरोगी काया की प्राप्ति होती है ।
प्रसाद मे इन्हें सफेद रंग की मिठाई अर्पित की जाती है । इस दिन जीवन में आ रही परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए एक पान के पत्ते पर लौंग, सुपारी और मिश्री रखकर अर्पित करने से सभी समस्याओं का अंत होता है।
इनकी पूजा के समय सफेद वस्त्र धारण करनें चाहिए ।
नवरात्रि में मां शैलपुत्री की साधना से कुंवारी कन्याओं को सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है। मां शैलपुत्री की पूजा से व्यक्ति के जीवन में स्थिरता आती है। जिन्हें संतान प्राप्ति की इच्छा है वो मां शैलपुत्री की आराधना जरुर करें ।