
Vat Savitri Vrat : अपने पति की लम्बी उम्र के लिए भारतीय महिलाएं वट सावित्री का व्रत करती हैं। वर्ष-2024 में वट सावित्री का व्रत 6 जून को रखा जाएगा। इसका अर्थ यह हुआ कि वर्ष-2024 में वट सावित्री का व्रत गुरूवार को मनाया जाएगा।
सुहाग की सलामती की कामना के लिए सुहागिन 6 जून को वट सावित्री का व्रत करेंगी। अमावस्या के दिन पहले आ जाने के कारण 6 जून यानी गुरुवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त से पूजन का समय शुरू है। सबसे अधिक फल अभिजीत मुहूर्त में पूजन का है। गुरुवार की ब्रह्मï मुर्हूत में पूजन विशेष फलदायक होगा। वट सावित्री व्रत के लिए बाजारों में खरीदारी तेज हो गई है। प्रसिद्घ पंडित रामकृपाल शर्मा ने बताया कि शुद्ध अमावस्या में वट सावित्री पूजा होती है। ऋषिकेश, महावीर व हनुमान आदि पंचागों के अनुसार इस बार Vat Savitri Vrat से एक दिन पहले 5 जून की शाम 6:57 बजे अमावस्या का प्रवेश हो रहा है। दूसरे दिन 6 जून गुरुवार की सुबह ब्रह्म मुहूर्त से लेकर शाम 5:38 बजे तक अमावस्या है। बुधवार को महिलाओं ने व्रत को लेकर नहाय-खाय करेंगी। सोलह शृंगार के साथ सुहागिन वट वृक्ष के तने में रंगीन कच्चा सूत लपटते हुए प्रदक्षिणा (फेरी) करेंगी।