Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2023: तीन साल बाद ही क्यों मनाई जाती है विभुवन संकष्टी चतुर्थी?
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2023
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 03:00 AM
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2023: गणेश चतुर्थी का समय प्रथम पूज्य श्री गणेश जी की पूजा हेतु विशेष रहता है. 4 अगस्त 2023 को विभुवन चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा. तीन वर्ष पश्चात आने वाली यह चतुर्थी बेहद खास मानी जाती है. इस दिन किया जाने वाला श्री गणेश पूजन एवं व्रत भक्तों की मनोकामनाओं को पूर्ण करत है. इसके अलावा किसी भी प्रकार के दोष या श्राप से मुक्ति के लिए भी यह चतुर्थी बेहद महत्वपूर्ण होती है. जिस प्रकार सकट चौथ का पर्व व्यक्ति को हर प्रकार के कलंक से मुक्त कर देने वाला होता है उसी प्रकार विभुवन संकष्टी चतुर्थी भी व्यक्ति के सभी पाप एवं दोष दूर कर देने वाली होती है.
sankashti chaturthi 2023 dates and time
अधिकमास के कृष्ण पक्ष की विभुवन संकष्टी चतुर्थी होती है विशेष
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प्रत्येक मास की चतुर्थी तिथि के स्वामी श्री गणेश जी को माना गया है. साथ ही श्री गणेश जी के जनोत्सव की तिथि भी यही होने के कारण गणेश चतुर्थी पर्व मनाया जाता है. लेकिन जब अधिकमास आता है तो उस समय पर आने वाली संकष्टि चतुर्थी अत्यंत ही विशेष योगों से निर्मित होती है. इस साल श्रावण माह के अधिकमास में आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि का दिन विभुवन चतुर्थी के रुप में मनाया जाएगा. यह चतुर्थी एक लम्बे अंतराल में आती है जिसमें लगभग तीन वर्ष तक का समय लगता है. चतुर्थी तिथि वैसे तो हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण दिन होता है लेकिन जब यह अधिकमास में आती है तो इसके प्रभाव की तुलना सहस्त्र यज्ञ के समान फल प्रदान करती है तथा मान हानि से बचाती है.
विभुवन संकष्टी चतुर्थी 2023 पूजा समय sawan sankashti chaturthi 2023 puja time
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2023 का व्रत 4 अगस्त 2023 को शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी. श्रण अधिकमास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि होने के कारण यह संकष्टी चतुर्थी होगी. अधिक मास के दौरान आने वाली इस चतुर्थी के पूजन का समय प्रात:काल से आरंभ होगा जो चंद्रमा के उदय के साथ संपन्न होगा.
Vibhuvana Sankashti Chaturthi 2023 तिथि पंचांग Vibhuvan Sankashti Chaturthi Panchang
चतुर्थी तिथि प्रारम्भ 04 अगस्त, 2023 को 12:45 बजे से होगा और चतुर्थी तिथि की समाप्ति 05 अगस्त, 2023 को 09:39 बजे होगी. रात्रि पूजन के लिए विभुवन संकष्टी चतुर्थी शुक्रवार, अगस्त 4, 2023 को मनाई जाएगी. संकष्टी के दिन चन्द्रोदय का समय 21:20 रहेगा. विभुवन संकष्टी चतुर्थी के दिन शोभन और अतिगण्ड नामक योग बनेंगे. इस दिन सुबह के समय शतभिषा 07:08 तक रहेगा उसके पश्चात पूर्व भाद्रपद नक्षत्र की प्राप्ति होगी. विभुवन संकष्टी चतुर्थी के दिन 05:44 से 07:25 तक चर, 07:25 से 09:05 लाभ और 09:05 से 10:46 तक अमृत योग की प्राप्ति होगी जो अत्यंत शुभ रहेगी.
विभुवन संकष्टी चतुर्थी पूजा विधि एवं मंत्र जाप sawan sankashti chaturthi 2023 puja vidhi
अधिक मास के दौरान पड़ने वाली इस चतुर्थी के दिन किया जाने वाला पूजन, व्रत, उपवास, एवं मंत्र जाप भक्तों को शक्ति संपन्न बनात है. हर प्रकार के संकट से भक्त की सुरक्षा होती है. इस दिन गनेश मंत्रों का जाप अवश्य करना चाहिए. इस दिन पुरा दिन या कम से कम 108 बार "ॐ गणेशाय नमः..!!" मंत्र अथवा "ॐ एकदंतये विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दंती प्रचोदयात्..!!" मंत्र का जाप करना चाहिए इसके अलावा गणेश संकट हरण स्त्रोत का पाठ करने से व्यक्ति के संकट दूर होने लगते हैं. यह दिन भगवान गणेश को समर्पित है और इस दिन भगवान गणेश के पूजन में लाल, पीले पुष्प, वस्त्र, फूल, दूर्वा, घास, जनेऊ इत्यादि अवश्य अर्पित करना चाहिए. भगवान गणेश जी को भोग स्वरुप मोदक या लड्डूओं का अर्पण अवश्य करना चाहिए.
एस्ट्रोलॉजर राजरानी