
छठ पूजा का पावन पर्व इस समय पूरे उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। यह महापर्व सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का पर्व है, जिसमें कृतज्ञता, शुद्धता और आत्मसंयम का सुंदर संगम देखने को मिलता है। आज छठ पूजा का तीसरा दिन है जिसे संध्या अर्घ्य का दिन कहा जाता है। श्रद्धालु शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे और अगले दिन प्रातः ऊषा अर्घ्य देकर पूजा का समापन करेंगे। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि छठ में सूर्य को अर्घ्य देने के लिए हमेशा नदी, तालाब या किसी जल स्रोत में खड़े होकर ही पूजा क्यों की जाती है? इसके पीछे न सिर्फ धार्मिक, बल्कि वैज्ञानिक कारण भी छिपे हैं। Chhath Puja 2025
छठ पूजा में जल में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य देना परंपरा का अनिवार्य हिस्सा है। मान्यता है कि सूर्य देव जीवन, प्रकाश और ऊर्जा के प्रतीक हैं, जबकि जल जीवन का आधार है। जब श्रद्धालु जल में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देते हैं, तो यह दोनों जीवन स्रोतों सूर्य और जल के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का प्रतीक माना जाता है। धर्मग्रंथों में कहा गया है कि कार्तिक माह में भगवान विष्णु जल में निवास करते हैं। इसीलिए इस समय जल में खड़े होकर पूजा करना विशेष पुण्यदायी माना गया है। साथ ही यह भी माना जाता है कि अर्घ्य देते समय जल के छींटे पैर पर न पड़ें, इसलिए श्रद्धालु कमर तक पानी में खड़े होकर ही सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते हैं।
छठ पूजा के अनुष्ठान केवल धार्मिक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी माने गए हैं।
जल में खड़े होकर सूर्य की किरणें शरीर पर सीधे और परावर्तित दोनों रूपों में पड़ती हैं, जिससे शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा मिलती है।
इसके कई वैज्ञानिक और स्वास्थ्य लाभ बताए गए हैं—
जल में खड़े रहने से शरीर का तापमान संतुलित रहता है।
यह नर्वस सिस्टम को शांत करता है और मानसिक स्थिरता बढ़ाता है।
सूर्य की किरणों का जल पर पड़ने से उत्पन्न परावर्तन त्वचा और आंखों के लिए लाभकारी माना जाता है।
इस अवस्था में ध्यान और एकाग्रता स्वाभाविक रूप से बढ़ती है, जो छठ के तप और साधना का मूल है।
छठ पूजा आत्मसंयम, शुद्धता और समर्पण का पर्व है। जल में खड़ा होना अहंकार के त्याग का प्रतीक माना गया है, क्योंकि जल सभी के लिए समान है — वह ऊँच-नीच, अमीर-गरीब का भेद नहीं करता। इसी भाव से छठ व्रती स्वयं को प्रकृति के सामने समर्पित करते हैं और सूर्य देव से जीवन में प्रकाश, स्वास्थ्य और सुख की कामना करते हैं। Chhath Puja 2025