
वर्ष 2021 के अंतिम शनिश्चरी अमावस्या (Shanishchari Amavasya 2021) पर सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) का विशेष संयोग बन रहा है। सभी 12 अमावस्या (Amavasya) में शनिश्चरी अमावस्या (Shanishchari Amavasya 2021) खास मानी गई है। शनिश्चरी अमावस्या के दिन किए गए खास उपाय शनिदेव की साढ़ेसाती और ढैय्या के मुक्ति दिलाता है। इसके अलावा घर-परिवार में सुख और शांति के लिए भी यह शुभ संयोग बहुत खास है। इस वर्ष की आखिरी शनिश्चरी अमावस्या 04 दिसंबर 2021, दिन शनिवार को पड़ रही है। इस दिन सूर्य ग्रहण भी लगेगा। ऐसे में जानते हैं कि शनिश्चरी अमावस्या पर किन उपायों से घर में सुख-शांति बनी रहेगी।
धार्मिक मान्यता अनुसार शनि-दोष से छुटकारा के लिए शमी के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। इसके अलावा शाम के वक्त इस पेड़ के नीचे सरसों का दीपक जलाना भी शुभ है। शनिश्चरी अमावस्या के दिन इस उपाय से घर में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही शनि के बुरे प्रभावों से भी छुटकारा मिलता है। - शनिश्चरी अमावस्या के दिन सरसों का तेल, उड़द, काला चना, कुलथी और गुड़ को शनिदेव को चढ़ाए। - शनिश्चरी अमावस्या पर सुबह या शाम को शनि मंदिर में हनुमान चालीसा बजरंग बाण का पाठ करें। - पीपल के पेड़ के नीचे 7 तरह के अनाज के साथ-साथ तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाएं। - तिल-तेल से बने पकवान किसी गरीबों को देने के साथ-साथ पशु-पक्षियों को भी खिलाएं। - शनिश्चरी अमावस्या पर 108 बेल के पत्ते से बनी माला शिवलिंग पर चढ़ाएं। - शनिश्चरी अमावस्या के दिन बरगद पेड़ में गाय का कच्चा दूध चढ़ाएं। इससे शनि की कृपा बनी रहती है। - जिन लोगों के ऊपर शनि की अशुभ दशा चल रही है उन्हें शनिश्चरी अमावस्या के दिन नशा से दूर रहना चाहिए। साथ ही मांसाहारी भोजन करने से बचना चाहिए। - शनिश्चरी अमावस्या के दिन काले घोड़े की नाल घर के मुख्य दरवाजे पर लगाएं। नाल ऊपर की ओर खुला रखकर लगाएं।
शनि अमावस्या शुभ मुहूर्त
पंचांग के मुताबिक मार्गशीर्ष (अगहन) मास कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का आरंभ 03 दिसंबर की शाम 04 बजकर 55 मिनट से होगा। अमावस्या तिथि 04 दिसंबर 2021 को दोपहर 01 बजकर 12 मिनट तक रहेगी।
पंडित रामपाल भट्ट, ज्योतिषाचार्य