
Bengal : पश्चिम बंगाल इन दिनों वक्फ एक्ट को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलचल के केंद्र में है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखते हुए कहा है कि "जहां हिंसा हुई है, वहां कांग्रेस की सीट है", जिससे एक नई राजनीतिक बहस छिड़ गई है।
वक्फ एक्ट मुस्लिम समुदाय की धार्मिक संपत्तियों से संबंधित एक कानून है।
मुस्लिम समाज इसे शरीयत का हिस्सा मानता है और इसमें किसी भी तरह की सरकारी दखल को नकारता है।
केंद्र सरकार द्वारा संसद में पास किए गए इस बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल चुकी है।
वक्फ कानून को लेकर बंगाल के कई हिस्सों में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हो रहे हैं।
मुस्लिम धर्मगुरु, इमाम और आम नागरिक सड़कों पर उतरकर विरोध जता रहे हैं।
इनका मानना है कि यह कानून धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप करता है।
ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने इस कानून का संसद में विरोध किया था।
बिल पास होने के बाद ममता बनर्जी ने स्पष्ट कहा, "हम इसे बंगाल में लागू नहीं होने देंगे।"
कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में मुस्लिम धर्मगुरुओं से मुलाकात के दौरान उन्होंने यह बयान दोहराया।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा इस कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा चुकी हैं।
याचिका में कहा गया है कि यह कानून संविधान की धारा 25 और 26 का उल्लंघन करता है जो धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है।
ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल को जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है।
उन्होंने हिंसा की घटनाओं पर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया, जिससे विपक्ष में हलचल बढ़ गई है। Bengal :