
बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती में राज्य का अब तक का सबसे बड़ा थर्मल पावर प्लांट स्थापित होने जा रहा है। यह 2400 मेगावाट क्षमता वाला प्लांट 21,000 करोड़ रुपये की निवेश लागत से 1,020 एकड़ में विकसित होगा। ऊर्जा विभाग ने परियोजना को अगले तीन वर्षों के भीतर पूर्ण करने का निर्देश दिया है। यह परियोजना न केवल राज्य की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि बिहार में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में भी नए अध्याय की शुरुआत करेगी। अडानी पावर समूह को इस परियोजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 सितंबर को पुर्णिया से इसका शिलान्यास कर सकते हैं, जिसके लिए तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। Bihar News In Hindi
पीरपैंती क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी इस परियोजना के लिए अनुकूल है। उत्तर में गंगा नदी, दक्षिण में प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय और बटेश्वर स्थल, पूरब में झारखंड की खनिज-समृद्ध पहाड़ियां और दक्षिण में एशिया के सबसे बड़े कोयला खदान—राजमहल परियोजना—प्लांट की रणनीतिक महत्ता को बढ़ाते हैं। इस क्षेत्र में दो नई रेल लाइन परियोजनाएं भी चल रही हैं: पीरपैंती से हंसडीहा वाया गोड्डा और कटारिया-गोरखपुर-गुवाहाटी लिंक। यह चारों दिशाओं से रेल और राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ाव के कारण इसे अत्यंत लाभकारी स्थल बनाता है। इस पावर प्लांट के निर्माण और संचालन से जिले में हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। प्रारंभिक चरण में करीब 50,000 लोग इस परियोजना से जुड़े रोजगार का लाभ उठा सकेंगे। भविष्य में फूड प्रोसेसिंग यूनिट और सीमेंट फैक्ट्रियों की स्थापना से आर्थिक गतिविधियों में और तेजी आएगी।
ऊर्जा विभाग के मुख्य सचिव मनोज कुमार और मैनेजिंग डायरेक्टर महेन्द्र कुमार ने हाल ही में परियोजना स्थल का निरीक्षण किया। बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अक्टूबर तक पेयरिंग कार्य पूरा कर अडानी ग्रुप को सौंपा जाए। उन्होंने अधिग्रहित भूमि पर चहारदीवारी का कार्य तुरंत शुरू करने, बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और मुआवजा प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया। डीएम भागलपुर, डॉ. नवल किशोर चौधरी ने भी निरीक्षण के बाद बताया कि इस परियोजना से क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा और स्थानीय लोगों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। इस पावर प्लांट के संचालन से न केवल बिहार की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि यह क्षेत्र के विकास और निवेश का प्रतीक बनकर आने वाले वर्षों में बिहार को नई पहचान देगा। Bihar News In Hindi