
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का चुनावी बिगुल बज गया है। चुनाव आयोग द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की घोषणा हो चुकी है। बिहार में चुनावी बिगुल बजते ही सियासत का पारा आसमान छूने लगा है। जैसे ही विधानसभा चुनाव 2025 की तारीखों का ऐलान हुआ, सूबे की राजनीति में नारों की नई जंग छिड़ गई — कहीं सत्ता की दुहाई दी जा रही है तो कहीं बदलाव का बिगुल फूंका जा रहा है। चुनाव आयोग ने दो चरणों में मतदान का ऐलान कर दिया है — पहला 6 नवंबर को और दूसरा 11 नवंबर को, जबकि नतीजे 14 नवंबर को सामने आएंगे। तारीखों के एलान के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपने-अपने नारों की धार तेज करनी शुरू कर दी है, ताकि जनता के दिलों तक पहुंचने की जंग में कोई पीछे न रह जाए। Bihar Assembly Elections 2025
बिहार की चुनावी महफिल में नारों की जंग अब चरम पर पहुंच गई है। सबसे पहले एनडीए की तरफ से डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने मोर्चा संभाला और जनता को गूंजते शब्दों में याद दिलाया -25 से 30, हमारे दो भाई नरेंद्र और नीतीश। इस नारे के जरिए भाजपा-जदयू गठबंधन ने अपनी एकता और नेतृत्व की ताकत का संदेश दिया। लेकिन सियासत में पलटवार भी उतना ही तेज होता है। महागठबंधन के मुखिया लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जवाबी हमला करते हुए लिखा —छह और ग्यारह, NDA नौ दो ग्यारह।
इस तंज और हास्य भरे नारे ने बिहार की चुनावी हवा में हलचल पैदा कर दी। इसके पहले जदयू ने भी अपनी रणनीति के तहत नारा दिया — “पच्चीस से तीस, फिर से नीतीश।” इस नारे का संदेश स्पष्ट था — आगामी चुनाव के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी पर फिर से नीतीश कुमार होंगे। इस तरह राजनीतिक दलों के नारों ने जनता तक अपनी ताकत और संदेश पहुंचाने की जंग को और रोचक बना दिया है।
छठ पूजा के पावन अवसर को ध्यान में रखते हुए सियासी दलों ने चुनाव आयोग से विशेष अपील की थी। जेडीयू, आरजेडी और अन्य पार्टियों ने आग्रह किया कि मतदान की तारीखें इस पर्व के बाद ही निर्धारित की जाएँ। आयोग ने इस अनुरोध को मान्यता देते हुए चुनाव कार्यक्रम तैयार किया। पहले चरण में बिहार के 16 जिलों की 71 विधानसभा सीटों पर 6 नवंबर को वोटिंग होगी, जबकि शेष जिलों में मतदान 11 नवंबर को होगा। मतगणना का इंतजार मतदाताओं के लिए 14 नवंबर को समाप्त होगा। Bihar Assembly Elections 2025