Bihar elections 2025 : सीवान में सीएम योगी का भाषण
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 05:52 PM
बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar elections 2025) में सियासी हलचल तेज़ हो गई है और आज का दिन सीवान जिले के लिए विशेष महत्व रखता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) आज बिहार के सीवान, भोजपुर और बक्सर जिलों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इन तीनों जिलों का जेडीयू-भा.ज.पा. गठबंधन के लिए रणनीतिक महत्व है, खासकर सीवान, जो कभी आरजेडी के कद्दावर नेता और डॉन मोहम्मद शहाबुद्दीन का गढ़ माना जाता था। Bihar elections 2025
सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य के लिए बिहार की जनता एक बार फिर NDA को सेवा का अवसर देने के लिए तैयार है।
शाहपुर विधान सभा क्षेत्र की जनता को संबोधित कर रहा हूं... https://t.co/DSmsC8Rj7M
Bihar elections 2025 : सीवान में शहाबुद्दीन के प्रभाव का सामना करेंगे योगी
सीवान जिला आरजेडी का एक परंपरागत गढ़ रहा है, और यह इलाका 1990 के दशक में मोहम्मद शहाबुद्दीन की राजनीति का केंद्र था। शहाबुद्दीन की शक्ति इतनी प्रबल थी कि वह अधिकांश चुनाव जेल से लड़ते हुए भी जीत जाते थे। उनकी मौत के बाद, उनकी पत्नी हेना शहाब ने राजनीति में कदम रखा, लेकिन वह सफलता नहीं हासिल कर पाईं। अब आरजेडी ने उनकी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को चुनावी मैदान में उतारा है।
इस सीट से एनडीए की ओर से जेडीयू के विकास कुमार सिंह मैदान में हैं। रघुनाथपुर सीट पर इस बार मुकाबला कड़ा होने की संभावना है। पिछली बार सीवान जिले में एनडीए ने आरजेडी को कड़ी टक्कर दी थी और 2019 के लोकसभा चुनाव में शहाबुद्दीन की पत्नी हेना शहाब को हरा दिया था। ऐसे में योगी का यह दौरा भाजपा-जेडीयू गठबंधन के लिए एक तरह से मनोबल बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।
Bihar elections 2025 : भोजपुर और बक्सर में भी योगी की रैलियाँ
सीवान में सभा के बाद, योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) भोजपुर जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र में दूसरी जनसभा करेंगे, जबकि दिन का अंतिम कार्यक्रम बक्सर जिले में होगा। इन तीनों जिलों का सीमावर्ती राज्य उत्तर प्रदेश से जुड़ा होना योगी की सभा के असर को और भी अहम बना देता है, क्योंकि इन क्षेत्रों में उनकी हिंदुत्ववादी छवि और संगठनात्मक शक्ति का बड़ा प्रभाव देखा जाता है।
Bihar elections 2025 : सीटों की स्थिति और आगामी मुकाबला
2020 के विधानसभा चुनावों में सीवान जिले की तीन प्रमुख सीटों—सीवान, महाराजगंज, और बरहरिया पर एनडीए को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन हार का अंतर सिर्फ 2,000 से 4,000 वोटों के बीच था। इस स्थिति में छोटे-छोटे बदलाव नतीजों को पलट सकते हैं। सीवान में कुल 8 विधानसभा सीटें हैं, और मुस्लिम समुदाय की महत्वपूर्ण संख्या इसे एक निर्णायक कारक बना सकती है।
सीवान की रघुनाथपुर सीट से इस बार आरजेडी ने ओसामा शहाब को उतारा है, जबकि एनडीए की तरफ से जेडीयू के विकास कुमार सिंह चुनावी मैदान में हैं। इस सीट पर आरजेडी की पकड़ मजबूत मानी जाती है, लेकिन पिछली बार के नतीजों ने यह साफ कर दिया कि अब यहां राजनीति में बदलाव हो सकता है।
सीवान में मुस्लिम वोट बैंक की बड़ी भूमिका रही है, और शहाबुद्दीन के समय में यहां की राजनीति मुस्लिम समुदाय के पक्ष में झुकी हुई थी। हालांकि, अब यह समीकरण धीरे-धीरे बदलते हुए नजर आ रहे हैं। 2020 में, एनडीए ने इस क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन किया था और आगामी विधानसभा चुनावों में इस बदलाव के और भी प्रभावी होने की संभावना है।
सीवान और अन्य जिलों में योगी आदित्यनाथ के दौरे से यह साफ हो जाएगा कि भाजपा और जेडीयू गठबंधन राज्य में सत्ता की ओर अग्रसर हो पा रहे हैं या नहीं, खासकर ऐसे इलाकों में जहां विपक्षी दलों का दबदबा रहा है।