
बिहार विधानसभा चुनाव की सियासी हलचल तेज होती जा रही है और इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में अपनी चुनावी सक्रियता बढ़ा दी है। चंपारण से शुरू हुए दौरे के बाद अब मोदी की नजर मगध बेल्ट पर है, जिसे बीजेपी का सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। शुक्रवार को पीएम मोदी गया, पटना और बेगूसराय के दौरे पर रहेंगे, जहां वे 18,200 करोड़ रुपये से अधिक की महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन प्रोजेक्ट्स में बिजली, स्वास्थ्य, सड़क और कनेक्टिविटी जैसे बड़े विकास कार्य शामिल हैं। Bihar Assembly Election 2025
प्रधानमंत्री गया के मगध विश्वविद्यालय में एक बड़ी जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जहाँ विकास की सौगात देकर बीजेपी के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र को सुदृढ़ करने की रणनीति दिखाई जाएगी। वहीं, मुंगेर प्रमंडल में भी पार्टी के चुनावी अभियान को मजबूती देने की कवायद जारी रहेगी। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब विपक्षी नेता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव बिहार में वोटर अधिकार यात्रा के जरिए अपनी ताकत दिखा रहे हैं।
बिहार के मगध क्षेत्र में बीजेपी की स्थिति कमजोर मानी जाती है। यहां पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए जीतनराम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान की पार्टियों से गठबंधन कर रही है। पिछले चुनाव में महागठबंधन ने मगध और मुंगेर की अधिकांश सीटों पर कब्जा जमाया था। मगध क्षेत्र में कुल 26 विधानसभा सीटें आती हैं। 2020 में महागठबंधन ने 20 और NDA ने सिर्फ 6 सीटें जीती थीं। गया जिले में 10 में से 5 सीटें महागठबंधन के खाते में गई थीं। नवादा, औरंगाबाद, जहानाबाद और अरवल में भी महागठबंधन का पलड़ा भारी रहा। 2015 के चुनाव में जब नीतीश कुमार आरजेडी के साथ थे, तब भी इस क्षेत्र में महागठबंधन ने 21 सीटें जीती थीं। लोकसभा चुनाव में भी मगध प्रमंडल की अधिकतर सीटें महागठबंधन के पास रही थीं।
पटना से सटे मुंगेर प्रमंडल में NDA और महागठबंधन के बीच कड़ी टक्कर होती रही है। बेगूसराय, मुंगेर, शेखपुरा, लखीसराय और जमुई जिले में कुल 22 विधानसभा सीटें आती हैं। 2022 के चुनाव में एनडीए ने 13 और महागठबंधन ने 9 सीटें जीतीं। पीएम मोदी बेगूसराय में सिक्स लेन पुल का उद्घाटन करेंगे, जिससे मुंगेर बेल्ट में बीजेपी की स्थिति मजबूत करने की रणनीति का संकेत मिलेगा।
विश्लेषकों के अनुसार, पीएम मोदी का बिहार दौरा NDA की रणनीति का हिस्सा है। पिछली बार मगध बेल्ट में हुए चुनावों में बीजेपी को सियासी नुकसान उठाना पड़ा था। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की यात्राओं के बाद बीजेपी और जेडीयू को जमीन पर उतरकर अपना अभियान तेज करना आवश्यक हो गया है। मगध और मुंगेर में महागठबंधन का दबदबा एनडीए के लिए चुनौती है। पीएम मोदी का यह दौरा विकास परियोजनाओं के जरिए बीजेपी की पकड़ मजबूत करने और महागठबंधन की सीटों में सेंधमारी की तैयारी का हिस्सा है। यह पीएम का चुनावी साल में बिहार में छठा दौरा है।बीजेपी की सफलता 2025 के चुनाव में इस बात पर निर्भर करेगी कि पीएम मोदी और नीतीश कुमार का यह मिशन मगध कितनी मजबूती से सियासी समीकरण बदल पाता है। Bihar Assembly Election 2025