
Tejashwi Yadav : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 20 जून को प्रस्तावित बिहार दौरे से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। सीवान में होने वाले इस कार्यक्रम से पहले RJD नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने तीखे सवालों की झड़ी लगा दी। उन्होंने न केवल केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए, बल्कि सीधे प्रधानमंत्री को उनके पुराने भाषणों और वादों की याद भी दिलाई। तेजस्वी यादव ने कहा - नरेंद्र मोदी जी अब तक बिहार में 200 से अधिक भाषण दे चुके हैं। अगर वे उन भाषणों को खुद ही पलटकर देखें, तो उन्हें इस धरती पर दोबारा आने में संकोच होगा। उन्होंने बिहार को नंबर वन राज्य बनाने का सपना दिखाया था, लेकिन आज स्थिति क्या है?
तेजस्वी का आरोप है कि प्रधानमंत्री केवल चुनावी मौसम में ही बिहार की सुध लेते हैं। उन्होंने कहा - जब राज्य को विशेष पैकेज की ज़रूरत थी, जब विशेष राज्य का दर्जा मांगा गया—तब केंद्र चुप था। लेकिन अब, जब वोट चाहिए तो सबको बिहार याद आ रहा है । उन्होंने आगे कहा, प्रधानमंत्री कोई महंगाई कम करने नहीं आ रहे, ना ही गरीबों के लिए किसी राहत योजना की घोषणा करने। बस आएंगे और लालू जी या मुझे कोसेंगे। जितना गरियाना है, गरिया लीजिए, लेकिन बिहार की ज़मीनी सच्चाई भी देखिए।
तेजस्वी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि "हर दिन गोलियों की गूंज सुनाई देती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री ने कभी उन शहीद जवानों के परिवारों से मुलाकात की, जो इसी बिहार की मिट्टी से थे और देश के लिए जान न्योछावर कर गए? “जब वे पिछली बार पटना आए थे, तो रोड शो किया था, लेकिन किसी पीड़ित परिवार से मिलने का वक्त नहीं मिला,” तेजस्वी ने कहा।
अपने कटाक्ष को और तीखा करते हुए तेजस्वी ने कहा कि “11 साल से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं और 20 साल से बिहार में एनडीए की सरकार है। क्या हुआ उन चीनी मिलों का जिनसे चाय पीने की बात कही गई थी? क्या हुआ उन सैकड़ों वादों का जो बिहार की जनता से किए गए थे?”
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि "एनडीए अब 'नेशनल दामाद आयोग' बन गया है, जहां हर किसी के रिश्तेदार को किसी न किसी आयोग में समायोजित कर दिया गया है। यही है 'विकास' का नया मॉडल। Tejashwi Yadav