तेज प्रताप यादव पर लगे गंभीर आरोपों से बिहार की राजनीति में हलचल
Tej Pratap Yadav
भारत
चेतना मंच
27 May 2025 08:39 PM
Tej Pratap Yadav : राष्ट्रीय जनता दल (RJD)के प्रमुख नेता लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और RJD के पूर्व नेता तेज प्रताप यादव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। बता दें कि हाल ही में उन पर कई महिलाओं के साथ अवैध संबंध रखने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे बिहार की राजनीति गरमा गई है।
मामा साधु यादव ने लगाए आरोप
RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव के साले और राबड़ी देवी के भाई साधु यादव ने तेज प्रताप यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनके मुसल्लहपुर हाट और खगौल की दो महिलाओं से अवैध संबंध हैं। लालू प्रसाद यादव के साले और राबड़ी देवी के भाई साधु यादव ने मीडिया के सामने इन रिश्तों का खुलासा किया और कहा कि लालू के दोनों बेटें तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव ने परिवार और पार्टी का सत्यानाश कर दिया है। इन आरोपों से बिहार की राजनीति गरमा गई है और यह RJD के लिए एक बड़ी मुश्किल बन सकती है, खासकर चुनावी माहौल को देखते हुए। बिहार विधान सभा के चुनाव अक्टूबर या नवंबर 2025 में होने वाले हैं और चुनावी स्थति को देखते हुए तेज प्रताप यादव का यह मुद्दा पार्टी के मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
वायरल पोस्ट और अनुष्का यादव का बयान
24 मई 2025 को तेज प्रताप यादव ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट किया था जो जल्द ही वायरल हो गया , जिसमें उन्होनें अनुष्का यादव नाम की लड़की के साथ 12 साल से रिलेशनशिप में होने का दावा किया था। पोस्ट वायरल के बाद उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने उनके साथ पारिवारिक रिश्तें खत्म कर दिए, जिसके बाद तेज प्रताप ने कहा कि उनका अकाउंट हैक हो गया था और वह तस्वीर रियल नहीं है बल्कि AI से बनाई गई है।
निशु सिन्हा के साथ कथित संबंध
हाल ही में तेज प्रताप यादव और निशु सिन्हा के बीच कथित रिश्ते को लेकर भी अफवाहें और चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया पर एक वायरल चैट सामने आई है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि तेजस्वी यादव ने अपने भाई तेज प्रताप और निशु सिन्हा को बेबी प्लानिंग के लिए मालदीव भेजा था। हालांकि, इस चैट की हकिकत पर अब भी सवाल खड़े हो रहे हैं और इसमें कितनी सच्चाई है यह कह पाना अभी मुश्किल है।
विवाद पर लालू यादव की प्रतिक्रिया
तेज प्रताप यादव के इन विवादों के बाद, उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने 25 मई 2025 को उन्हें पार्टी से छह साल के लिए हटा दिया गया और पारिवारिक संबंध भी खत्म कर दिए। लालू यादव का कहना है कि तेज प्रताप का इस तरह का गैर-ज़िम्मेदाराना व्यवहार पार्टी और परिवार के नैतिक कर्तव्यों के खिलाफ है। तेज प्रताप यादव पर लगे इन गंभीर आरोपों ने ना केवल उनकी व्यक्तिगत छवि को धूमिल किया है, बल्कि राजद पार्टी की साख पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
Tej Pratap Yadav