Bollywood News :मोहित सूरी की रोमांटिक फिल्म सैयारा जहां अपने नए लीड एक्टर्स अहान पांडे और अनीत पड्डा के कारण चर्चा में रही वहीं फिल्म का एक और चेहरा दर्शकों के दिल में खास जगह बना गया शान आर ग्रोवर। यह फिल्म शान के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई, जहां उन्होंने अनीत के एक्स-बॉयफ्रेंड का ग्रे शेड किरदार निभाया। यह न तो पूरी तरह विलेन था, न ही हीरो लेकिन उसकी परतें गहरी थीं। शान ने अपने सीमित स्क्रीन टाइम में इतनी प्रभावशाली परफॉर्मेंस दी कि दर्शकों को उनका किरदार लंबे समय तक याद रह गया।
शान आर ग्रोवर का सैयारा में किरदार
फिल्म सैयारा में शान का किरदार उस प्रेमी का है जो अब अनीत पड्डा की जिंदगी से बाहर हो चुका है लेकिन उसकी वापसी कहानी में ट्विस्ट लेकर आती है।
उनका किरदार possessive, intense और emotionally conflicted है। वह नफरत और प्यार के बीच उलझा हुआ है। शान ने इस भूमिका को इतनी गहराई से निभाया कि कई दर्शकों ने सोशल मीडिया पर लिखा "कभी-कभी वो विलेन नहीं बल्कि बेचारा भी लग रहा था।"
पहली बड़ी स्क्रीन प्रजेंस
हालांकि शान आर ग्रोवर ने इससे पहले ओटीटी पर और बैकग्राउंड में काम किया था लेकिन सियारा में यह उनकी पहली बड़ी स्क्रीन पर महत्वपूर्ण मौजूदगी है। यह उनके करियर का टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है जिसे लेकर मोहित सूरी ने भी एक इंटरव्यू में कहा शान के किरदार में एक रियलिटी थी। वो 'नेगेटिव' होते हुए भी एक इंसानी दर्द के साथ जुड़ा था और शान ने इसे बेहतरीन ढंग से निभाया।
शान का किरदार
शान आर ग्रोवर के किरदार की सबसे बड़ी खासियत उनकी इंटेंस बॉडी लैंग्वेज है जो बिना बोले ही बहुत कुछ कह जाती है। उन्होंने अपनी आंखों से इमोशन को इस तरह पेश किया कि हर सीन में उनके दर्द, गुस्से और प्यार का असर दर्शक महसूस कर पाए। उनकी कन्ट्रोल्ड एक्टिंग फिल्म की गंभीरता को संतुलित रखती है न कहीं ओवरड्रामैटिक और न ही कमजोर। शान ने अपने किरदार में प्यार, जलन और गुस्से जैसे भावों का ऐसा संतुलन दिखाया जिससे उनका ग्रे शेड रोल नेगेटिव होकर भी दर्शकों के लिए बेहद आकर्षक और यादगार बन गया।
मेहनत रंग लाई
कई सालों तक ओटीटी और थिएटर में काम करने के बाद शान को ये मौका मिला। सैयारा में उनका रोल भले ही मुख्य प्रेम कहानी से अलग है लेकिन उनका स्क्रीन टाइम इतना प्रभावी है कि लोग उन्हें नोटिस कर रहे हैं। अब इंडस्ट्री में यह चर्चा है कि शान आर ग्रोवर जल्द ही और बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आ सकते हैं। सैयारा में शान आर ग्रोवर ने साबित कर दिया है कि एक सपोर्टिंग किरदार भी अगर दमदार हो तो वो फिल्म की कहानी में गहरा असर छोड़ सकता है।