सट्टेबाजी ऐप्स के दलदल में डूबी है फिल्म इंडस्ट्री! 29 सितारों पर ED का शिकंजा
Bollywood News
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 08:53 PM
Bollywood News : सिनेमा की चकाचौंध भरी दुनिया पर इन दिनों प्रवर्तन निदेशालय (ED) की नजर टिकी हुई है। एक बड़े मामले में ईडी ने विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबाती, प्रकाश राज, मंचू लक्ष्मी और निधि अग्रवाल जैसी नामचीन हस्तियों समेत कुल 29 फिल्मी कलाकारों, यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के खिलाफ जांच शुरू की है। इन सभी पर आरोप है कि उन्होंने गैरकानूनी सट्टेबाजी ऐप्स का प्रमोशन किया है, जिससे आम लोगों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
कहां से शुरू हुआ मामला?
इस केस की शुरुआत हैदराबाद के मियापुर निवासी एक बिजनेसमैन फणींद्र शर्मा की शिकायत से हुई थी। उनका आरोप है कि कई फिल्मी सितारे और सोशल मीडिया चेहरे आम लोगों, खासकर मिडिल और लोअर मिडिल क्लास परिवारों को सट्टेबाजी ऐप्स की ओर आकर्षित कर रहे हैं। शर्मा के अनुसार, इन ऐप्स ने न सिर्फ लोगों को धोखा दिया बल्कि उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से बर्बाद भी किया। इस शिकायत पर साइबराबाद पुलिस ने 19 मार्च 2025 को 25 सेलिब्रिटीज के खिलाफ FIR दर्ज की थी, जिसके आधार पर अब ईडी ने PMLA (धनशोधन निवारण अधिनियम) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
किन हस्तियों के नाम सामने आए?
ईडी की सूची में जिन प्रमुख नामों का उल्लेख हुआ है, उनमें विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबाती, प्रकाश राज, निधि अग्रवाल, प्रणीता सुभाष, मंचू लक्ष्मी, अनन्या नागल्ला, यूट्यूबर हर्षा साई, लोकल बॉय नानी, बय्या सनी यादव और कई अन्य लोकप्रिय चेहरे शामिल हैं। ईडी की जांच में सामने आया है कि इन ऐप्स के जरिए हजारों करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है। स्टार्स से यह पूछा जा रहा है कि उन्होंने प्रमोशन के लिए कितनी राशि ली, भुगतान किस माध्यम से हुआ और उसकी टैक्स जानकारी क्या है।
प्रोबो ऐप पर सीधा एक्शन
ईडी ने Probo Media Technologies Pvt. Ltd. नामक कंपनी और उसके प्रमोटर्स सचिन सुभाषचंद्र गुप्ता व आशीष गर्ग के गुरुग्राम और हरियाणा स्थित परिसरों पर छापेमारी की कार्रवाई की है। यह कंपनी “Probo” नामक ऐप और वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी को बढ़ावा देती थी। ईडी को जांच में यह भी पता चला है कि कंपनी ने विदेशी संस्थाओं से 134.84 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई, बिना वैध जांच और बिना नाबालिगों को रोकने की व्यवस्था के ऐप को ऑपरेट किया, और जनमत, चुनाव नतीजों और सार्वजनिक इवेंट्स पर सट्टा लगवाने के लिए भ्रामक विज्ञापन चलाए।
अब तक क्या जब्त हुआ?
ईडी ने तलाशी के दौरान 284.5 करोड़ रुपये की FD और निवेश, तीन बैंक लॉकर, संवेदनशील दस्तावेज और डिजिटल डेटा जब्त कर लिया है। ईडी की रिपोर्ट के अनुसार ये ऐप्स शुरू में खुद को “स्किल-बेस्ड गेमिंग प्लेटफॉर्म” बताते थे, लेकिन असल में युवाओं को सट्टेबाजी के जाल में फंसाते थे। हां/ना वाले सवालों के जरिए रिटर्न का लालच देकर इन्हें गेमिंग के बजाय जुए का रूप दे दिया गया।