Geeta Dutt Birthday Special- गुरु दत्त से जुदा होने का गम नहीं सह पाई गीता, ऐसे खो गया एक चमकता सितारा
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 11:25 PM
Geeta Dutt Birthday Special- गीता दत्त ने अपनी मधुर आवाज से सबको अपना दीवाना बनाया। 50- 60 के दशक में गीता दत्त की आवाज़ का जादू हर तरफ चलता था। इनके गाने सुने बिना तो कोई रह ही नहीं पाता था। गीता का सिंगिंग करियर काफी अच्छा था लेकिन फिर इनकी पर्सनल लाइफ का असर प्रोफेशनल लाइफ पर भी देखने को मिला। इन्होंने अपनी ज़िंदगी में बहुत सारे उतार चढ़ाव को देखा है। आज इनके जन्मदिन के मौके पर आइये जानते हैं इनके जीवन के बारे में।
गीता दत्त का जन्म 23 नवंबर 1930 में हुआ था। गीता ने बॉलीवुड की सिंगिंग इंडस्ट्री को बहुत आगे बढ़ाया और अपनी मधुर आवाज से सभी को प्रभावित किया। 50- 60 का वो एक दौर था जब हर कोई इनकी आवाज़ का दीवाना था, लेकिन आज 5 दशक बीत जाने के बाद भी गीता के गाने धूम मचाते हैं। आज भी लोग गीता की मधुर आवाज में उन गीतों को सुने बिना रह ही नहीं पाते हैं।
गीता (Geeta Dutt Singing career) ने अपने सिंगिंग करियर में एक से बढ़कर एक बेहतरीन गाने गाए। उन्होंने 'दबदीर से बिगड़ी हुई तकदीर बना ले, हम आप की आंखों में, बाबूजी धीरे चलना, ठंडी हवा काली घटा, जाने कहां मेरा जिगर गया जी, मेरा नाम चिन चिन चू, वक्त ने किया क्या हसीं सितम, मेरा सुंदर सपना बीत गया, मेरी जां मुझे जां ना कहो, कोई चुपके से आ के, जा जा जा बेवफा और घूंघट के पट खोल' जैसे बेहतरीन गाने गाए हैं।
गीता दत्त ने 1953 में गुरु दत्त (Geeta Dutt and Guru Dutt) से शादी की। इनके रिश्ते में सब कुछ ठीक चल रहा था फिर अचानक इनके रिश्ते को किसी की नज़र लग गई। गुरु दत्त किसी और के प्यार के चक्करों में पड़ गए। फिर दोनों के बीच कहासुनी होने लगी और धीरे- धीरे दोनों एक दूसरे से काफी दूर हो गए। फिर गुरु दत्त का निधन हो गया जिसके बाद गीता सदमे में आ गई थीं। बस यहीं से गीता की ज़िंदगी ही बदल गई। न वो करियर की हो पाई न परिवार की। उन्होंने शराब पीना शुरू कर दिया और गुरु के जाने का गम ही न सहन कर पाई। फिर धीरे- धीरे आशा भोशले ने सिंगिंग इंडस्ट्री में अपना जादू चलाया और गीता कहीं खो गईं।