Pankaj Udhas- जब बंदूक की नोक पर पंकज उधास को सुनानी पड़ी थी गजल, जानिए क्या है पूरा किस्सा
Pankaj Udhas
भारत
चेतना मंच
17 May 2022 05:13 PM
Bollywood- आज बॉलीवुड इंडस्ट्री के मशहूर गजल गायक पंकज उधास का जन्मदिन (Pankaj Udhas Birthday) है। 17 मई 1951 में गुजरात के राजकोट में जन्मे पंकज उधास इंडस्ट्री के जाने-माने ग़ज़ल गायक। अपनी बेहतरीन ग़ज़ल गायकी से लोगों को अपना दीवाना बना चुके पंकज उधास आज अपना 71वां जन्मदिन मना रहे हैं। इनके जन्मदिन के खास मौके पर जानते हैं इनकी जिंदगी से जुड़ी हुई एक इंट्रस्टिंग कहानी के बारे में। उससे पहले जानते हैं गजल गायक पंकज उधास के बारे-
पंकज उधास का जीवन परिचय -
गजल गायक पंकज उधास (Gazal singer Pankaj Udhas) का जन्म 17 मई 1951 को गुजरात के राजकोट के जेतपुर नवागढ़ में हुआ था। तीन भाइयों में सबसे छोटे पंकज उधास के पिता का नाम केशुभाई उधास और मां का नाम जीतूबेन उधास है। पंकज उदास की ही तरह उनके दोनों बड़े भाई भी ग़ज़ल गायक के रूप में जाने जाते हैं।
कैरियर की शुरुआत -
पंकज उधास के बड़े भाई मनहर उधास रंगमंच अभिनेता थे। इन्हीं की मदद से पंकज संगीत की दुनिया में आए। सबसे पहले इन्होंने रंगमंच गायक के रूप में संगीत की दुनिया में कदम रखा। भारत चीन युद्ध के दौरान इन्होंने स्टेज पर ' ए मेरे वतन के लोगों' गीत गाया जो दर्शकों को काफी पसंद आया और इन्हें इनाम के तौर पर ₹51 दिए गए।
इसके बाद इन्होंने राजकोट में संगीत नाटक एकेडमी में दाखिला लिया और वहां पर तबला बजाना सीखा। सेंट जेवियर्स कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद इन्होंने एक 'बार' में भी काम किया। इस बीच ये अपनी गायकी का अभ्यास भी किया करते थे।
बॉलीवुड में इनकी गायकी की शुरुआत साल 1972 में आई फिल्म कामना के जरिए हुई जिसमें उन्होंने पहली बार अपनी आवाज दी। हालांकि अभी इनका संघर्ष खत्म नहीं हुआ था। ग़ज़ल गायकी में रुचि होने की वजह से इन्होंने उर्दू भाषा भी सीखी। बाद में यह कनाडा गए जहां पर छोटे-मोटे कार्यक्रमों में ग़ज़ल गायकी किया करते थे।
साल 1980 में इनके ग़ज़ल का एक एल्बम 'आहट' रिलीज हुआ जो काफी सफल हुआ। इसके बाद एक के बाद एक इन्होंने कई खूबसूरत ग़ज़ल गाए और इंडस्ट्री के जाने-माने ग़ज़ल गायक बन गए। इनके द्वारा गाया हुआ गज़ल 'चिट्ठी आई है" काफी पॉपुलर हुआ है।
जब बंदूक की नोक पर पंकज उधास को सुनानी पड़ी थी ग़ज़ल -
पंकज उधास की ग़ज़ल गायकी की दुनिया दीवानी है। फिल्मों के गानों में अपनी आवाज देने के साथ-साथ यह स्टेज शो भी किया करते हैं। एक इंटरव्यू के दौरान पंकज उधास ने अपने एक स्टेज शो से जुड़ा हुआ किस्सा शेयर करते हुए बताया था, कि किस तरह उन पर बंदूक की नोक रखकर उनसे ग़ज़ल गाने को कहा गया था।
बात तब की है जब पंकज उधास एक महफ़िल में ग़ज़ल गा रहे थे। 4-5 गजल गा लेने के बाद एक शख्स उनके पास आया, और उनसे एक ग़ज़ल गाने की फरमाइश करने लगा। शख्स का व्यवहार पंकज उधास को कुछ सही नहीं लगा और उन्होंने गजल गाने से इनकार कर दिया। फिर क्या था थोड़ी ही देर में उस शख्स ने जेब से बंदूक निकाली और उनके सामने तान दी। सामने तनी हुई बंदूक देख पंकज उधास की हालत खराब हो गई और उन्होंने जल्द से जल्द उस शख्स की फरमाइश पूरी की।
संगीत की दुनिया में पंकज उधास ने जीते हैं कई अवार्ड -
संगीत की दुनिया में पंकज उधास (Pankaj Udhas Award in singing career) ने कई अवार्ड अपने नाम किए हैं। साल 2006 में इन्हें पद्मश्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। इसके अलावा संगीत की दुनिया में गायकी को मिलने वाले अवार्ड के एल सहगल अवार्ड से भी इन्हें सम्मानित किया जा चुका है। साल 1985 से लेकर 2006 तक इन्होंने कई पुरस्कार जीते हैं।
भारतीय संगीत की दुनिया में एक अभूतपूर्व योगदान देने वाले पंकज उधास आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। उनके जन्मदिन के मौके पर हमारी तरफ से उन्हें ढेर सारी शुभकामनाएं और उनके दीर्घायु होने की ईश्वर से प्रार्थना है।