अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी चांदी का हाजिर भाव करीब 53.81 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना हुआ है। भारतीय बाज़ार में चांदी की कीमतें घरेलू डिमांड के साथ-साथ ग्लोबल मूवमेंट से भी तेज़ी से प्रभावित होती हैं।

Gold-Silver Price Today: दिसंबर के पहले ही दिन सोना–चांदी के दामों ने एक बार फिर निवेशकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। हफ्ते की शुरुआत मामूली गिरावट के साथ ज़रूर हुई, लेकिन पिछले कुछ दिनों में आई जबरदस्त तेजी के बाद बाज़ार अभी भी मजबूत माना जा रहा है। अगर आप फिलहाल गोल्ड या सिल्वर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो 1 दिसंबर के ताज़ा रेट और आगे की तस्वीर समझना आपके लिए ज़रूरी है।
राजधानी दिल्ली में सोमवार सुबह 24 कैरेट सोने का भाव फिसलकर ₹1,29,960 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। गिरावट हल्की रही, लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि सिर्फ एक हफ्ते में सोना करीब ₹3,980 तक महंगा हो चुका है। इसी अवधि में 22 कैरेट सोने के दाम में भी लगभग ₹3,650 की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यानी हाल की तेजी के मुकाबले आज की नरमी को बाज़ार विशेषज्ञ बहुत बड़ी गिरावट नहीं मान रहे हैं।
(प्रति 10 ग्राम – 22 और 24 कैरेट) शहर22 कैरेट सोना (₹)24 कैरेट सोना (₹)दिल्ली1,19,1401,29,960,मुंबई1,18,9901,29,810,अहमदाबाद1,19,0401,29,860चेन्नई1,18,9901,29,810कोलकाता1,18,9901,29,810,हैदराबाद1,18,9901,29,810जयपुर1,19,1401,29,960भोपाल1,19,0401,29,860लखनऊ1,19,1401,29,960चंडीगढ़1,19,1401,29,960 इन रेट्स से साफ है कि देश के ज़्यादातर बड़े शहरों में सोने की कीमतें एक-दूसरे के बेहद करीब चल रही हैं, हल्का–फुल्का अंतर केवल स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज जैसी लागतों की वजह से दिख रहा है।
सोने की तरह चांदी ने भी 1 दिसंबर की सुबह हल्की कमजोरी दिखाई। चांदी का भाव घटकर लगभग ₹1,84,900 प्रति किलोग्राम पर आ गया। हालांकि, बीते एक सप्ताह में चांदी करीब ₹21,000 प्रति किलो तक उछल चुकी है, जो इस बात का संकेत है कि कीमती धातुओं में कुल मिलाकर सेंटिमेंट अभी भी पॉज़िटिव है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भी चांदी का हाजिर भाव करीब 53.81 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना हुआ है। भारतीय बाज़ार में चांदी की कीमतें घरेलू डिमांड के साथ-साथ ग्लोबल मूवमेंट से भी तेज़ी से प्रभावित होती हैं।
दिसंबर में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से एक अहम संकेत मिलने की संभावना है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व इस महीने ब्याज दरों में कटौती की दिशा में कदम बढ़ा सकता है। ब्याज दरों में कमी आने पर बॉन्ड जैसे पारंपरिक निवेश साधन पहले की तुलना में कम आकर्षक हो जाते हैं। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित एसेट के रूप में गोल्ड की ओर ज्यादा झुकते हैं। इसी वजह से विश्लेषकों की नजरें 9–10 दिसंबर को होने वाली FOMC मीटिंग पर टिकी हुई हैं। अगर फेड नरम रुख अपनाता है, तो आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में एक और दौर की तेजी देखने को मिल सकता है। Gold-Silver Price Today