तेल कंपनियों ने 1 अप्रैल 2026 से 5 किलो वाले FTL सिलेंडर की कीमतों में 51 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। यह छोटू सिलेंडर आमतौर पर छोटे दुकानदारों, अस्थायी स्टॉल और कम खपत वाले उपयोगकर्ताओं के बीच ज्यादा इस्तेमाल होता है।

आज (1 अप्रैल 2026) से गैस सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बदलाव किया गया है। इस बार 5 किलो वाले छोटू सिलेंडर और 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। हालांकि घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है जिससे आम परिवारों को राहत मिली है लेकिन छोटे कारोबार, होटल और रेस्टोरेंट चलाने वालों के लिए यह बढ़ोतरी जेब पर असर डाल सकती है।
तेल कंपनियों ने 1 अप्रैल 2026 से 5 किलो वाले FTL सिलेंडर की कीमतों में 51 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। यह छोटू सिलेंडर आमतौर पर छोटे दुकानदारों, अस्थायी स्टॉल और कम खपत वाले उपयोगकर्ताओं के बीच ज्यादा इस्तेमाल होता है। कीमत बढ़ने से छोटे व्यापारियों और सीमित उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं का खर्च बढ़ सकता है। हाल के महीनों में गैस की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और यह बढ़ोतरी उसी क्रम का हिस्सा मानी जा रही है।
5 किलो वाले सिलेंडर के साथ-साथ 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं कोलकाता में इसकी कीमत 218 रुपये बढ़ाई गई है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपये हो गई है। यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया गया है।
अगर पूरे साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो 2026 में यह पांचवीं बार है जब कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। अब तक इस साल कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 498 रुपये तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। लगातार बढ़ती कीमतों से होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर दबाव बढ़ सकता है क्योंकि ये व्यवसाय कमर्शियल गैस पर ही निर्भर रहते हैं।
जहां एक ओर कमर्शियल और छोटू सिलेंडर के दाम बढ़े हैं वहीं घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत अभी भी 913 रुपये बनी हुई है। इससे आम परिवारों को राहत जरूर मिली है। इससे पहले 7 मार्च को घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी जिसके बाद से ही कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
गैस और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे वैश्विक कारण भी माने जा रहे हैं। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। कच्चा तेल बढ़कर करीब 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है।बताया जा रहा है कि ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में तनाव बढ़ने से तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। यह रास्ता दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस सप्लाई के लिए अहम माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले समय में गैस और ईंधन की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसका असर धीरे-धीरे आम लोगों के खर्च पर भी पड़ सकता है। फिलहाल घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में स्थिरता जरूर राहत दे रही है लेकिन कमर्शियल गैस और छोटू सिलेंडर की बढ़ती कीमतों ने कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है।