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अडानी समूह अब सिर्फ पारंपरिक बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहता। कंपनी ने परमाणु ऊर्जा यानी न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी है। हाल ही में कंपनी ने ‘कोस्टल-महा एटॉमिक एनर्जी’ (CMAEL) नाम की नई कंपनी बनाई है जो पूरी तरह अडानी समूह के नियंत्रण में रहेगी।

शेयर बाजार में इन दिनों पावर सेक्टर सबसे ज्यादा चर्चा में है और इस चर्चा के केंद्र में है Adani Power। सोमवार को कंपनी के शेयरों ने जोरदार तेजी दिखाई और बीएसई पर यह करीब 205 रुपये के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। निवेशकों की भारी खरीदारी ने साफ संकेत दिया कि बाजार को कंपनी की आगे की रणनीति पर मजबूत भरोसा है। खास बात यह है कि इस तेजी के पीछे सिर्फ एक कारण नहीं बल्कि दो बड़े फैक्टर काम कर रहे हैं न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में एंट्री और आने वाली भीषण गर्मी से बिजली की बढ़ती मांग। जब किसी कंपनी के भविष्य को लेकर बाजार में भरोसा बढ़ता है तो उसके शेयरों में तेजी अपने आप दिखने लगती है। अडानी पावर के साथ भी फिलहाल यही हो रहा है। निवेशक इसे सिर्फ एक पावर कंपनी नहीं बल्कि भविष्य की बड़ी ऊर्जा कहानी के रूप में देख रहे हैं।
अडानी समूह अब सिर्फ पारंपरिक बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहता। कंपनी ने परमाणु ऊर्जा यानी न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी है। हाल ही में कंपनी ने ‘कोस्टल-महा एटॉमिक एनर्जी’ (CMAEL) नाम की नई कंपनी बनाई है जो पूरी तरह अडानी समूह के नियंत्रण में रहेगी। यह कंपनी Adani Atomic Energy के तहत बनाई गई है जो खुद अडानी पावर की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। इसका मुख्य काम न्यूक्लियर या एटॉमिक ऊर्जा से बिजली बनाना उसका ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन करना होगा। कंपनी की शुरुआती अधिकृत पूंजी 5 लाख रुपये रखी गई है जिसे 50,000 इक्विटी शेयरों में बांटा गया है। यह घोषणा बाजार खुलते ही निवेशकों के लिए बड़ा पॉजिटिव संकेत बन गई।
सोमवार को अडानी पावर के शेयरों में 3 से 4 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई और यह 52 हफ्तों के नए हाई पर पहुंच गया। कई निवेशकों ने इसे कंपनी के लिए लॉन्ग टर्म ग्रोथ सिग्नल माना। बाजार को लग रहा है कि न्यूक्लियर एनर्जी में शुरुआती एंट्री भविष्य में कंपनी को बहुत बड़ा फायदा दे सकती है। भारत सरकार भी धीरे-धीरे न्यूक्लियर सेक्टर में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे में अडानी पावर का यह कदम समय के हिसाब से काफी मजबूत माना जा रहा है। इससे कंपनी की पहचान सिर्फ थर्मल पावर कंपनी तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि यह भविष्य की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा खिलाड़ी बन सकती है।
अडानी पावर के शेयरों में तेजी की दूसरी बड़ी वजह मौसम है। आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। गर्मी बढ़ने का सीधा असर बिजली की खपत पर पड़ता है क्योंकि एयर कंडीशनर, कूलर, पंखे और इंडस्ट्रियल डिमांड तेजी से बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार गर्मी सामान्य से ज्यादा तेज हो सकती है। ऐसे में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकती है। इसका सीधा फायदा उन कंपनियों को मिलेगा जो बड़े स्तर पर बिजली उत्पादन करती हैं और अडानी पावर उनमें प्रमुख नाम है। जब मांग बढ़ती है तो बिजली की कीमतें भी मजबूत रहती हैं। इससे कंपनियों की कमाई और मुनाफा दोनों बेहतर होते हैं। यही उम्मीद बाजार को इस शेयर की तरफ तेजी से खींच रही है।
ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि जब हाइड्रो पावर का उत्पादन कम होता है तब कोयले से चलने वाले पावर प्लांट्स पर निर्भरता बढ़ जाती है। सूखे हालात और कम बारिश के कारण यही स्थिति बन सकती है। इसका सीधा फायदा थर्मल पावर कंपनियों को मिलता है। इस स्थिति में NTPC और अडानी पावर जैसी कंपनियां मजबूत स्थिति में दिखाई देती हैं। वहीं दूसरी तरफ हाइड्रो पावर से जुड़ी कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है। बाजार की यही सोच निवेशकों को अडानी पावर की तरफ आकर्षित कर रही है। कई निवेशकों का मानना है कि अगर बिजली की मांग इसी तरह बढ़ती रही तो आने वाले महीनों में कंपनी के नतीजे और बेहतर दिख सकते हैं।
अडानी पावर का मौजूदा प्रदर्शन सिर्फ एक दिन की तेजी नहीं माना जा रहा। निवेशक इसे लंबे समय की कहानी के रूप में देख रहे हैं। न्यूक्लियर एनर्जी में एंट्री, बढ़ती बिजली मांग और ऊर्जा सेक्टर में मजबूत पकड़ ये तीनों चीजें कंपनी को आगे भी मजबूती दे सकती हैं। शेयर बाजार में अक्सर वही कंपनियां लंबी दौड़ जीतती हैं जो समय के साथ खुद को बदलती हैं। अडानी पावर फिलहाल उसी दिशा में कदम बढ़ाती नजर आ रही है। यही वजह है कि बाजार में इस शेयर को लेकर उत्साह लगातार बढ़ रहा है।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। चेतना मंच पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।
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