भारत में IPO की लिस्टिंग पर ग्लोबल टेंशन का असर, क्या टलेंगे मेगा ऑफर?

PhonePe ने हाल ही में अपने IPO की योजना टालने का निर्णय लिया है। इसके पीछे मुख्य कारण निवेशकों की कम डिमांड और ग्लोबल मार्केट में बढ़ती अनिश्चितता है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के पहले से तय 15 अरब डॉलर के वैल्यूएशन से कम की डिमांड देखी गई जिससे IPO टालना पड़ा।

India's IPO
भारत के बड़े IPO
locationभारत
userअसमीना
calendar17 Mar 2026 12:37 PM
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मार्च में भारत की IPO (Initial Public Offering) पाइपलाइन निवेशकों की नजर में खास है। Jio Platforms, Flipkart, PhonePe, Zepto और SBI Funds Management जैसी बड़ी कंपनियों ने लगभग 70,000 करोड़ रुपए के IPO लाने की योजना बनाई थी। लेकिन पश्चिम एशिया में बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव और बाजार में हालिया अस्थिरता के चलते कंपनियों को अपनी लिस्टिंग की समय-सीमा पर दोबारा विचार करना पड़ रहा है।

PhonePe ने टाल दी अपनी लिस्टिंग

PhonePe ने हाल ही में अपने IPO की योजना टालने का निर्णय लिया है। इसके पीछे मुख्य कारण निवेशकों की कम डिमांड और ग्लोबल मार्केट में बढ़ती अनिश्चितता है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के पहले से तय 15 अरब डॉलर के वैल्यूएशन से कम की डिमांड देखी गई जिससे IPO टालना पड़ा। इस कदम ने संकेत दिया कि बड़ी लिस्टिंग के समय में निवेशकों का मूड कितना महत्वपूर्ण होता है।

मेगा IPO की संभावित लिस्टिंग

Jio Platforms

Reliance Industries की टेलीकॉम यूनिट Jio Platforms भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO लाने की तैयारी कर रही है। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इस पेशकश के जरिए लगभग 4.3 अरब डॉलर (लगभग 40,000 करोड़ रुपए) जुटाए जा सकते हैं और Jio का वैल्यूएशन 170 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।

Flipkart

Walmart के नियंत्रण वाली ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart ने अपनी होल्डिंग कंपनी का ढांचा सिंगापुर से भारत ट्रांसफर किया है। यह कदम इसकी घरेलू लिस्टिंग की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। पिछली वैल्यूएशन 37 बिलियन डॉलर थी जब Alphabet ने 350 मिलियन डॉलर का निवेश किया था।

SBI Funds Management

 यह एसेट मैनेजमेंट कंपनी भारत में IPO लाने पर विचार कर रही है। इसके जरिए 1.2 बिलियन डॉलर तक जुटाए जा सकते हैं जिससे निवेशकों को म्यूचुअल फंड सेक्टर में निवेश का अवसर मिलेगा।

Zepto

क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto ने पहले IPO के लिए गोपनीय दस्तावेज जमा किए थे। इस IPO से लगभग 11,000 करोड़ रुपए जुटाने की उम्मीद है।

कंपनियों के सामने चुनौतियां

IPO लाने वाली कंपनियों के लिए मौजूदा माहौल चुनौतीपूर्ण है। बाजार में गिरावट और निवेशकों की सतर्कता के कारण नई लिस्टिंग में निवेश करना जोखिम भरा माना जाता है। निवेशक अक्सर लार्ज-कैप शेयरों में पैसा लगाना पसंद करते हैं जबकि नए IPO से दूरी बनाते हैं। Bonanza Portfolio की रिसर्च एनालिस्ट खुशी मिस्त्री के मुताबिक, ब्रॉडर और मिडकैप इंडेक्स में गिरावट ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता कम कर दी है। PL Capital Markets के उदय पाटिल ने कहा कि कंपनियां सेकेंडरी मार्केट की अस्थिरता और वैल्यूएशन संबंधी चिंताओं के कारण IPO लाने में सतर्क हो गई हैं।

मजबूत है IPO पाइपलाइन

हालांकि, मौजूदा सुस्ती के बावजूद भारत की IPO पाइपलाइन मजबूत बनी हुई है। एक्सपर्ट के अनुसार, यह सुस्ती केवल निवेशकों के बदलते मूड के कारण है न कि किसी ढांचागत समस्या के चलते। कंपनियां IPO लाने या न लाने के मामले में सोच-समझकर कदम उठा रही हैं ताकि उन्हें बाजार से बेहतर प्रतिक्रिया मिले। इस स्थिति से स्पष्ट है कि आने वाले महीनों में Jio Platforms, Flipkart और अन्य मेगा IPO का निवेशक उत्साह और बाजार की स्थिरता पर निर्भर करेगा। ऐसे समय में निवेशक और कंपनियों दोनों के लिए सतर्क रहना जरूरी है।

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अचानक घटी टॉप अरबपतियों की दौलत, हुआ बड़ा नुकसान!

ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के अनुसार, Meta के मालिक Mark Zuckerberg की संपत्ति में 8.49 अरब डॉलर की कमी आई। उनकी कुल दौलत अब 217 अरब डॉलर रह गई है। इस साल अब तक जुकरबर्ग ने 16 अरब डॉलर का नुकसान झेला है जो इस साल की सबसे बड़ी व्यक्तिगत संपत्ति में गिरावटों में से एक है।

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टॉप अरबपतियों की संपत्ति में गिरावट
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userअसमीना
calendar17 Mar 2026 11:55 AM
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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती वैश्विक तनाव की खबरों ने न केवल दुनिया के शेयर बाजारों को प्रभावित किया है बल्कि टॉप अरबपतियों की दौलत पर भी गहरा असर डाला है। बीते 24 घंटों में Elon Musk, Jeff Bezos, Mark Zuckerberg और Bernard Arnault जैसी नामी हस्तियों की संपत्ति में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। मार्केट की इस अस्थिरता ने दिखा दिया कि किसी भी समय कितनी भी बड़ी दौलत अस्थिर हो सकती है।

मार्क जुकरबर्ग को लगा सबसे बड़ा झटका

ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के अनुसार, Meta के मालिक Mark Zuckerberg की संपत्ति में 8.49 अरब डॉलर की कमी आई। उनकी कुल दौलत अब 217 अरब डॉलर रह गई है। इस साल अब तक जुकरबर्ग ने 16 अरब डॉलर का नुकसान झेला है जो इस साल की सबसे बड़ी व्यक्तिगत संपत्ति में गिरावटों में से एक है।

फ्रांसीसी अरबपति बर्नार्ड अर्नाल्ट की संपत्ति में भारी कमी

टॉप-10 अरबपतियों में शामिल Bernard Arnault, जो फ्रांसीसी कारोबारी हैं, को भी बड़ा घाटा हुआ। उनकी संपत्ति में 7.57 अरब डॉलर की गिरावट आई और उनकी कुल दौलत घटकर 155 अरब डॉलर रह गई। इस साल अब तक उनका कुल नुकसान 53.1 अरब डॉलर के आसपास पहुंच चुका है।

एलन मस्क और जेफ बेजोस की दौलत में गिरावट

टेस्ला और SpaceX के मालिक Elon Musk की संपत्ति में 2.73 अरब डॉलर की कमी हुई और उनकी कुल दौलत अब 658 अरब डॉलर रह गई। इसी तरह, Amazon के संस्थापक Jeff Bezos को भी 2.12 अरब डॉलर का नुकसान हुआ और उनकी नेटवर्थ घटकर 232 अरब डॉलर रह गई।

अन्य अरबपतियों को भी हुआ नुकसान

Google के संस्थापक Larry Page और Sergey Brin की संपत्ति में क्रमशः 1.53 और 1.44 अरब डॉलर की गिरावट आई। इसके अलावा, Oracle के मालिक Larry Ellison का 4.63 अरब डॉलर कम हो गया और उनकी कुल संपत्ति 205 अरब डॉलर रह गई। NVIDIA के मालिक Jensen Huang की दौलत 2.41 अरब डॉलर घटकर 149 अरब डॉलर हो गई।

भारत के टॉप अरबपतियों को भी झटका

ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के अनुसार, भारतीय अरबपति Mukesh Ambani और Gautam Adani की संपत्ति में भी गिरावट दर्ज की गई है। Mukesh Ambani की नेटवर्थ 1.17 अरब डॉलर घटकर 91.2 अरब डॉलर हो गई जबकि Gautam Adani की संपत्ति 1.84 अरब डॉलर कम होकर 76 अरब डॉलर पर आ गई।

मार्केट अस्थिरता और वैश्विक घटनाओं का असर

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव और शेयर बाजार की अस्थिरता टॉप अरबपतियों की संपत्ति पर सीधे असर डालती है। जब मार्केट में गिरावट आती है तो कंपनियों के शेयर कीमतों में कमी होती है और इसका सीधा प्रभाव उनके मालिकों की दौलत पर पड़ता है।

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Gold Price Today: क्यों गिर रही है सोने-चांदी की कीमत? पूरे शहरों की लिस्ट देखें

Gold Price: एक दिन तक कीमतें स्थिर रहने के बाद अब लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी के दाम नीचे आए हैं। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम ₹10 सस्ता हुआ है जबकि 22 कैरेट सोने में भी इतनी ही गिरावट दर्ज की गई है।

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सोने-चांदी की कीमत
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userअसमीना
calendar17 Mar 2026 11:25 AM
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पिछले कुछ समय से सोना और चांदी लगातार चर्चा में रहे हैं। कभी तेजी से कीमतें बढ़ती दिखीं तो कभी अचानक गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया। अब एक बार फिर बाजार में हल्की नरमी देखने को मिल रही है। अगर आप सोना खरीदने या निवेश करने का सोच रहे हैं तो आज का अपडेट आपके लिए काफी काम का है। कीमतों में आई इस गिरावट ने लोगों के मन में एक सवाल जरूर खड़ा कर दिया है क्या यह खरीदने का सही समय है या अभी इंतजार करना बेहतर रहेगा?

लगातार दूसरे दिन गिरावट

एक दिन तक कीमतें स्थिर रहने के बाद अब लगातार दूसरे दिन सोने और चांदी के दाम नीचे आए हैं। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम ₹10 सस्ता हुआ है जबकि 22 कैरेट सोने में भी इतनी ही गिरावट दर्ज की गई है। अगर पिछले दो दिनों की बात करें तो 24 कैरेट सोना ₹2250 तक सस्ता हो चुका है और 22 कैरेट में ₹2060 की कमी आई है। चांदी की कीमतों में भी यही रुख देखने को मिला है। दो दिनों में इसकी कीमत ₹5100 प्रति किलो तक नीचे आ चुकी है जो बाजार में आई मुनाफावसूली का साफ संकेत देता है।

अलग-अलग शहरों में क्या है सोने का भाव?

देश के बड़े शहरों में सोने के दाम थोड़े-बहुत अंतर के साथ चल रहे हैं। मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹1,57,410 प्रति 10 ग्राम के आसपास बनी हुई है। वहीं चेन्नई में यह सबसे ज्यादा ₹1,60,470 तक पहुंच गई है। लखनऊ, पटना और जयपुर जैसे शहरों में भी कीमतें लगभग समान स्तर पर हैं जहां 24 कैरेट सोना ₹1,57,500 के आसपास बिक रहा है। इससे साफ है कि देशभर में बाजार का ट्रेंड एक जैसा ही बना हुआ है बस कुछ शहरों में हल्का अंतर देखने को मिलता है।

चांदी में भी आई नरमी

चांदी की कीमतों में भी गिरावट जारी है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में यह करीब ₹2,69,900 प्रति किलो पर आ गई है। वहीं चेन्नई में चांदी का भाव सबसे ज्यादा ₹2,75,900 प्रति किलो बना हुआ है। इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह बाजार में मुनाफावसूली मानी जा रही है जहां निवेशक ऊंचे दाम पर खरीदे गए सोने-चांदी को बेचकर मुनाफा निकाल रहे हैं।

निवेश के लिहाज से क्या करें?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोना आपके निवेश पोर्टफोलियो का हिस्सा जरूर होना चाहिए लेकिन इसे लेकर ज्यादा उम्मीदें रखना सही नहीं है। कुछ समय पहले सोना अपने ऑल टाइम हाई पर पहुंचा था जिसके बाद इसमें गिरावट आई और अब यह सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। ऐसे में अगर आप निवेश करना चाहते हैं तो सिर्फ सोने पर निर्भर रहने के बजाय अपने पैसे को अलग-अलग जगहों पर लगाना बेहतर रहेगा। इससे जोखिम कम होता है और लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

आगे क्या रह सकता है रुख?

आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें वैश्विक बाजार, डॉलर की स्थिति और मांग के आधार पर तय होंगी। अगर बाजार में अनिश्चितता बनी रहती है तो कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसलिए जल्दबाजी में कोई फैसला लेने के बजाय बाजार के ट्रेंड पर नजर रखना ज्यादा समझदारी होगी। सही समय पर लिया गया फैसला ही आपको बेहतर फायदा दिला सकता है।

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