
दिवाली का त्योहार नजदीक है और इस मौके पर अपने परिवार या करीबी दोस्तों को कुछ खास और फायदेमंद गिफ्ट देना चाहते हैं, तो म्यूचुअल फंड एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यह सिर्फ एक समझदारी भरा तोहफा ही नहीं, बल्कि भविष्य में अच्छे रिटर्न का मौका भी देता है। सबसे बड़ी बात, अब म्यूचुअल फंड गिफ्ट करने के लिए डीमैट अकाउंट की जरूरत नहीं है। आप सीधे फंड हाउस से, बिना किसी ब्रोकर या ट्रेडिंग अकाउंट के, यूनिट्स गिफ्ट कर सकते हैं। Mutual Funds
यह तरीका खास तौर पर उन लोगों के लिए आदर्श है जो अपने करीबी लोगों को निवेश की आदत डालना चाहते हैं, लेकिन डीमैट अकाउंट और जटिल प्रक्रियाओं से बचना चाहते हैं। ऐसे गिफ्ट से न केवल आपके अपनों को फायदा होगा, बल्कि यह उन्हें आर्थिक समझदारी की ओर एक कदम आगे भी बढ़ाएगा। Mutual Funds
म्यूचुअल फंड केवल एक निवेश का साधन नहीं, बल्कि समझदारी भरे तोहफे का भी बेहतरीन विकल्प है। यह न सिर्फ लंबे समय में अच्छे रिटर्न देने की क्षमता रखता है, बल्कि आपके अपनों को वित्तीय समझ और निवेश की आदत भी सिखा सकता है। खास बात यह है कि इसे गिफ्ट करना अब पहले से कहीं आसान हो गया है—आपको न तो डीमैट अकाउंट की जरूरत है और न ही ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के झंझट। यह तरीका उन लोगों के लिए परफेक्ट है जो अपने प्रियजनों को स्मार्ट और फायदेमंद निवेश का अनुभव देना चाहते हैं, बिना किसी जटिल प्रक्रिया में फंसे।
सबसे पहले, आपको संबंधित फंड हाउस (AMC) या उनके रजिस्ट्रार (RTA) को ट्रांसफर रिक्वेस्ट फॉर्म भरकर देना होगा।
इस फॉर्म में अपनी फोलियो संख्या, स्कीम का नाम, कितनी यूनिट्स ट्रांसफर करनी हैं और रिसीवर का PAN, KYC और बैंक डिटेल्स भरनी होती हैं।
कुछ मामलों में, फंड हाउस दोनों पक्षों की पहचान या डॉक्यूमेंट्स की पुष्टि भी कर सकता है।
जैसे ही रिक्वेस्ट मंज़ूर हो जाती है, यूनिट्स सीधे रिसीवर के फोलियो में जुड़ जाती हैं। दोनों को ट्रांसफर की स्टेटमेंट भी मिलती है।
इस पूरी प्रक्रिया में डीमैट अकाउंट की कोई आवश्यकता नहीं होती, जिससे यह तरीका न केवल आसान होता है बल्कि खर्च भी कम आता है।
अगर यूनिट्स निकट संबंधियों (पति-पत्नी, बच्चे, माता-पिता, भाई-बहन) को गिफ्ट की जाती हैं, तो कोई टैक्स नहीं लगता।
निकट संबंधी न होने पर (जैसे दोस्त, कज़िन, दूर के रिश्तेदार) और यदि गिफ्ट की कुल वैल्यू ₹50,000 से अधिक है, तो रिसीवर को उस राशि पर टैक्स देना होगा।
भविष्य में जब रिसीवर यूनिट्स बेचता है, तो कैपिटल गेन टैक्स भी लागू होगा, जो खरीद की तारीख और मूल्य पर निर्भर करता है। Mutual Funds
गिफ्ट देने वाले और लेने वाले दोनों का KYC पूरा होना चाहिए।
रिसीवर के पास उस AMC का फोलियो होना जरूरी है; अगर नहीं है तो नया फोलियो खोलना होगा।
कुछ म्यूचुअल फंड स्कीम्स (जैसे ELSS या क्लोज्ड-एंडेड फंड्स) में लॉक-इन पीरियड होता है, जब यूनिट्स ट्रांसफर नहीं की जा सकती।
नॉन-डीमैट तरीके से म्यूचुअल फंड गिफ्ट करना सस्ता, आसान और स्मार्ट तरीका है। इससे आप अपने परिवार को निवेश की आदत दे सकते हैं और लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न भी पा सकते हैं। Mutual Funds