तेज GDP ग्रोथ, बेहतर कॉरपोरेट अर्निंग्स, और भारत को उभरती हुई भरोसेमंद इक्विटी मार्केट डेस्टिनेशन के रूप में मिल रही ग्लोबल पहचान – ये सभी कारक मिलकर IPO बाज़ार को अतिरिक्त ताकत दे रहे हैं।

Best Ipo To Invest In December : दिसंबर का महीना शेयर बाजार के लिए इस बार बेहद खास रहने वाला है। प्राथमिक शेयर निर्गम (IPO) बाजार एक बार फिर जोर पकड़ने जा रहा है और निवेशकों के सामने कमाई के कई नए विकल्प खुलने वाले हैं। अनुमान है कि सिर्फ इसी एक महीने में करीब ₹30,000 करोड़ के तगड़े IPO बाजार में उतर सकते हैं, जिससे रिटेल से लेकर बड़े निवेशकों तक, सभी के लिए भरपूर एक्शन देखने को मिलेगा।
IPO बाज़ार में दिसंबर को लेकर उत्साह इसलिए ज्यादा है क्योंकि करीब 25 नई कंपनियां अपना पब्लिक इश्यू लाने की तैयारी में हैं। अक्टूबर में लगभग 10 कंपनियों ने करीब ₹45,000 करोड़ की पूंजी जुटाई, नवंबर में 9 कंपनियों के IPO आए, वहीं दिसंबर का कैलेंडर इन दोनों महीनों से कहीं ज्यादा व्यस्त नजर आ रहा है। मतलब साफ है साल भर चली IPO की रफ्तार दिसंबर में चरम पर पहुंचती दिख रही है।
दिसंबर में कुछ बड़े इश्यू मार्केट की सुर्खियां बनने वाले हैं। जिन मेगा–IPO पर सबसे ज्यादा निगाहें टिकी हैं, उनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं –
इन बड़े इश्यू के आने से प्राइमरी मार्केट में तरलता (Liquidity) भी बढ़ेगी और अच्छे बिजनेस मॉडल वाली कंपनियों में दीर्घकालिक निवेश का मौका भी मिलेगा।
बाजार जानकार मानते हैं कि इस बार निवेशकों का फोकस सिर्फ लिस्टिंग गेन पर नहीं, बल्कि क्वालिटी और गवर्नेंस पर ज्यादा है।
ऐसी कंपनियों के इश्यू को निवेशक ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। वहीं जहां बिजनेस रिस्क ज्यादा नजर आता है या वैल्यूएशन बहुत खिंचा हुआ दिखता है, वहां ग्रे–मार्केट से लेकर सब्सक्रिप्शन तक, उतनी आक्रामकता देखने को नहीं मिल रही।
दिसंबर सिर्फ बड़े–बड़े इश्यू का महीना नहीं होगा, मिड–कैप कंपनियों की भी अच्छी लाइन–अप नजर आ रही है। इनमें कुछ अहम नाम इस प्रकार हैं –
मीशो और Equus जैसे कुछ इश्यू के लिए दिसंबर के शुरुआती पखवाड़े की संभावित तारीखें भी तय मानी जा रही हैं। ऐसे इश्यू उन निवेशकों के लिए खास हो सकते हैं जो ग्रोथ स्टोरी के साथ थोड़ा ज्यादा रिस्क लेने को तैयार हैं।
IPO की यह जबरदस्त बाढ़ सिर्फ संयोग नहीं, बल्कि भारत की मजबूत आर्थिक कहानी और लंबे समय से जारी बुल रन का नतीजा है। विश्लेषकों के मुताबिक इस साल मेनबोर्ड IPO के जरिए जुटाई गई कुल रकम पहले ही 2024 के लगभग ₹1.50 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर को पार कर चुकी है। दिसंबर में आने वाली नई लिस्टिंग्स इस रिकॉर्ड को और ऊंचाई पर ले जा सकती हैं। तेज GDP ग्रोथ, बेहतर कॉरपोरेट अर्निंग्स, और भारत को उभरती हुई भरोसेमंद इक्विटी मार्केट डेस्टिनेशन के रूप में मिल रही ग्लोबल पहचान – ये सभी कारक मिलकर IPO बाज़ार को अतिरिक्त ताकत दे रहे हैं।
दिसंबर का यह IPO सीजन वाकई ऐतिहासिक साबित हो सकता है, लेकिन भीड़ देखकर आंख बंद करके कहीं भी पैसा लगाना समझदारी नहीं होगी।हर इश्यू का ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस पढ़ना, कंपनी के बिजनेस मॉडल, वैल्यूएशन और रिस्क को समझना और अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेकर ही निवेश का फैसला करना सबसे बेहतर रणनीति मानी जाएगी।
कुल मिलाकर, दिसंबर निवेशकों के लिए बड़ा मौका भी है और बड़ी परीक्षा भी – जो निवेशक डिसिप्लिन और रिसर्च के साथ कदम बढ़ाएंगे, उनके लिए यह IPO सीजन पोर्टफोलियो में मजबूत वैल्यू जोड़ सकता है।